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डेविस कप: इटली के खिलाफ भारत के पास जीत का मौका, भूपति ने जताया जीत का भरोसा

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भारतीय डेविस कप टीम के कप्तान महेश भूपति ने कहा है कि इटली के खिलाफ फरवरी में अपने घर में होने वाले मुकाबले में भारतीय टीम के पास जीत का सुनहरी मौका है। उन्होंने कहा, ‘हमें खुशी है कि हमें अपना मैच स्वदेश में खेलना है। इटली की टीम मजबूत है, पर हम घर में खेल रहे हैं इसलिए हमारे पास अच्छा मौका है।’

डेविस कप के बदले हुए प्रारूप के क्वालिफायर में भारत को एक और दो फरवरी को कोलकाता में ग्रास कोर्ट पर इटली से खेलना है। इस साल क्वार्टर फाइनल में हारने वाली चार टीमों को क्वालिफायर में जगह मिली है।

विश्व ग्रुप प्लेऑफ में सर्बिया के खिलाफ मात खाने वाले भारत ने एशिया-ओसियाना क्षेत्र में बेहतर डेविस कप रैंकिंग के कारण क्वालिफायर में जगह बनाई है। इसमें 12 विजेता टीमें 18 टीमों के फाइनल में जगह बनाएंगी जो 18 से 24 नवंबर तक खेला जाएगा।

एक सवाल के जवाब में चार बार के युगल और आठ बार के मिश्रित युगल ग्रैंड स्लैम चैंपियन भूपति ने कहा कि अब भारतीय टेनिस में बहुत गहरी है। जहां तक मुझे याद है भारतीय टेनिस में इससे पहले कभी इतनी गहराई नहीं थी। हमारे पास प्रजनेश गुणेश्वरन, रामकुमार रामनाथन और युकी भांबरी जैसे खिलाड़ी हैं जो लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं।

पिछले कुछ वर्षों में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हमने काफी पदक जीते हैं। महिला वर्ग अंकिता रैना और करमन कौर थंडी अच्छा कर रहे हैं। इन दोनों ने हाल ही में एक-साथ खेलते हुए युगल में लगातार दो खिताब जीते हैं।

चोटिल खिलाड़ी पहले ही हट जाए तो अच्छा : एशियाई खेलों की पुरुष युगल स्पर्धा से अंतिम लम्हों में अनुभवी लिएंडर पेस के हटने को अधिक तूल नहीं देते हुए भूपति ने कहा कि चोट खिलाड़ी के करियर का हिस्सा होती है। कोर्ट पर उतरने के बाद मैच से हटने की जगह वह चाहेंगे कि खिलाड़ी मुकाबले से पहले ही हट जाए।

उन्होंने कहा ‘मैं यह साफ कर देना चाहता हूं कि हमने स्वर्ण पदक जीता। इससे (पेस के हटने से) हमारा अभियान प्रभावित नहीं हुआ। मुझे बताया गया था कि एशियाई खेलों से पहले टूर्नामेंट में खेलते हुए लिएंडर चोटिल हो गए थे। इसके अलावा मुझे कुछ पता नहीं है। जहां तक हमारे अभियान के प्रभावित होने का सवाल है तो ऐसा नहीं हुआ। हमारा लक्ष्य युगल स्वर्ण पदक जीतना था। हम इसे जीतने में सफल रहे।’ रोहन बोपन्ना और दिविज शरण की जोड़ी ने पीला तमगा जीता था।

साल के पहले ही ग्रैंड स्लैम टेनिस टूर्नामेंट ऑस्ट्रेलियन ओपन (2019) में 10 ‘बाल किड’ भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे। दुनिया की आठवीं सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी किया मोटर्स ने पूर्व दिग्गज खिलाड़ी महेश भूपति के मार्गदर्शन में इन बच्चों का चयन किया है।

कंपनी इन बच्चों के ऑस्ट्रेलिया दौरे का पूरा खर्च उठाएगी। यह पहला मौका है जब भारत से इतने बच्चों का चयन किया गया है। दिल्ली के डीएलटीए कोर्ट में देश के विभिन्न हिस्सों से चुने गए 100 बच्चों के  बीच से इन बच्चों को चुना गया है जिनमें सात लड़के और तीन लड़कियां हैं।

इनमें सार्थक गांधी, एम वर्सित कुमार रेड्डी, नमन मेहता, अंकित पिलानिया, अक्षित चौधरी, सोहम दिवान, रिभव ओझा, स्वाति मल्होत्रा, जेनिका जेसन और अनन्या सिंह शामिल हैं। 

क्या होते हैं बाल किड: बाल किड वे बच्चे होते हैं जो टेनिस मैच के दौरान खिलाड़ियों के अंक बनाने के बाद गेंद उठाते हैं और उन्हें गेंद भी देते हैं। वह खिलाड़ियों को पानी, तौलिया देने जैसी जरूरतों का भी ध्यान रखते हैं।

भारतीय डेविस कप टीम के कप्तान महेश भूपति ने कहा है कि इटली के खिलाफ फरवरी में अपने घर में होने वाले मुकाबले में भारतीय टीम के पास जीत का सुनहरी मौका है। उन्होंने कहा, ‘हमें खुशी है कि हमें अपना मैच स्वदेश में खेलना है। इटली की टीम मजबूत है, पर हम घर में खेल रहे हैं इसलिए हमारे पास अच्छा मौका है।’

डेविस कप के बदले हुए प्रारूप के क्वालिफायर में भारत को एक और दो फरवरी को कोलकाता में ग्रास कोर्ट पर इटली से खेलना है। इस साल क्वार्टर फाइनल में हारने वाली चार टीमों को क्वालिफायर में जगह मिली है।

विश्व ग्रुप प्लेऑफ में सर्बिया के खिलाफ मात खाने वाले भारत ने एशिया-ओसियाना क्षेत्र में बेहतर डेविस कप रैंकिंग के कारण क्वालिफायर में जगह बनाई है। इसमें 12 विजेता टीमें 18 टीमों के फाइनल में जगह बनाएंगी जो 18 से 24 नवंबर तक खेला जाएगा।

एक सवाल के जवाब में चार बार के युगल और आठ बार के मिश्रित युगल ग्रैंड स्लैम चैंपियन भूपति ने कहा कि अब भारतीय टेनिस में बहुत गहरी है। जहां तक मुझे याद है भारतीय टेनिस में इससे पहले कभी इतनी गहराई नहीं थी। हमारे पास प्रजनेश गुणेश्वरन, रामकुमार रामनाथन और युकी भांबरी जैसे खिलाड़ी हैं जो लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं।

पिछले कुछ वर्षों में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हमने काफी पदक जीते हैं। महिला वर्ग अंकिता रैना और करमन कौर थंडी अच्छा कर रहे हैं। इन दोनों ने हाल ही में एक-साथ खेलते हुए युगल में लगातार दो खिताब जीते हैं।

चोटिल खिलाड़ी पहले ही हट जाए तो अच्छा : एशियाई खेलों की पुरुष युगल स्पर्धा से अंतिम लम्हों में अनुभवी लिएंडर पेस के हटने को अधिक तूल नहीं देते हुए भूपति ने कहा कि चोट खिलाड़ी के करियर का हिस्सा होती है। कोर्ट पर उतरने के बाद मैच से हटने की जगह वह चाहेंगे कि खिलाड़ी मुकाबले से पहले ही हट जाए।

उन्होंने कहा ‘मैं यह साफ कर देना चाहता हूं कि हमने स्वर्ण पदक जीता। इससे (पेस के हटने से) हमारा अभियान प्रभावित नहीं हुआ। मुझे बताया गया था कि एशियाई खेलों से पहले टूर्नामेंट में खेलते हुए लिएंडर चोटिल हो गए थे। इसके अलावा मुझे कुछ पता नहीं है। जहां तक हमारे अभियान के प्रभावित होने का सवाल है तो ऐसा नहीं हुआ। हमारा लक्ष्य युगल स्वर्ण पदक जीतना था। हम इसे जीतने में सफल रहे।’ रोहन बोपन्ना और दिविज शरण की जोड़ी ने पीला तमगा जीता था।

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