The news is by your side.

केन्द्र सरकार के फैसले के खिलाफ सीबीआई निदेशक की याचिका पर न्यायालय में सुनवाई पूरी, फैसला बाद में

0

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Thu, 06 Dec 2018 11:28 AM IST

Related Posts

ख़बर सुनें

उच्चतम न्यायालय ने आलोक वर्मा को केन्द्रीय जांच ब्यूरो के निदेशक के अधिकारों से वंचित कर अवकाश पर भेजने के सरकार के निर्णय के खिलाफ उनकी याचिका पर गुरूवार को सुनवाई पूरी कर ली। न्यायालय इस मामले में फैसला बाद में सुनायेगा।

प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई, न्यायमूर्ति संजय किशन कौल और न्यायमूर्ति केएम जोसफ की पीठ ने इस मामले में आलोक वर्मा, केन्द्र, केन्द्रीय सतर्कता आयोग और अन्य पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद कहा कि इस पर फैसला बाद में सुनाया जायेगा।

न्यायालय ने जांच ब्यूरो के विशेष निदेशक राकेश अस्थाना सहित जांच एजेन्सी के अनेक अधिकारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच शीर्ष अदालत की निगरानी में विशेष जांच दल से कराने के लिये गैर सरकारी संगठन कामन काज की याचिका पर भी सुनवाई की। 

इसके अलावा, पीठ ने लोकसभा में कांग्रेस के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे और राकेश अस्थाना का पक्ष भी सुना।

आलोक वर्मा और राकेश अस्थाना ने एक दूसरे पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाये थे। इन दोनों के बीच लड़ाई तेज होने पर सरकार ने केन्द्रीय सतर्कता आयोग की सिफारिश पर वर्मा को निदेशक के अधिकारों से वंचित करते हुये अवकाश पर भेज दिया था।

उच्चतम न्यायालय ने आलोक वर्मा को केन्द्रीय जांच ब्यूरो के निदेशक के अधिकारों से वंचित कर अवकाश पर भेजने के सरकार के निर्णय के खिलाफ उनकी याचिका पर गुरूवार को सुनवाई पूरी कर ली। न्यायालय इस मामले में फैसला बाद में सुनायेगा।

प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई, न्यायमूर्ति संजय किशन कौल और न्यायमूर्ति केएम जोसफ की पीठ ने इस मामले में आलोक वर्मा, केन्द्र, केन्द्रीय सतर्कता आयोग और अन्य पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद कहा कि इस पर फैसला बाद में सुनाया जायेगा।

न्यायालय ने जांच ब्यूरो के विशेष निदेशक राकेश अस्थाना सहित जांच एजेन्सी के अनेक अधिकारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच शीर्ष अदालत की निगरानी में विशेष जांच दल से कराने के लिये गैर सरकारी संगठन कामन काज की याचिका पर भी सुनवाई की। 

इसके अलावा, पीठ ने लोकसभा में कांग्रेस के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे और राकेश अस्थाना का पक्ष भी सुना।

आलोक वर्मा और राकेश अस्थाना ने एक दूसरे पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाये थे। इन दोनों के बीच लड़ाई तेज होने पर सरकार ने केन्द्रीय सतर्कता आयोग की सिफारिश पर वर्मा को निदेशक के अधिकारों से वंचित करते हुये अवकाश पर भेज दिया था।

Loading...