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ISL 2018: केरल ब्लास्टर्स की निगाहें घरेलू मैदान पर जीत दर्ज करने पर

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केरल ब्लास्टर्स को हीरो इंडियन सुपर लीग (आईएसएल) के पांचवें सत्र में अब तक सिर्फ एकमात्र जीत मिली है और घरेलू मैदान में तो उसका खाता भी नहीं खुला है, अब शुक्रवार को उसका सामना जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में एफसी पुणे सिटी से होगा तो उसकी निगाहें पहली जीत का तोहफा देने का प्रयास करने पर लगी होंगी।

इन दोनों टीमों के बीच सिर्फ चार अंक का फासला है। इन दोनों ने शुरुआती 10 में से सिर्फ एक मैच जीता है। दोनों टीमों की आक्रमण पंक्ति थोड़ी कमजोर है, यही कारण है कि 10 मैचों में दोनों टीमें क्रमश: 11 और नौ गोल कर सकी हैं।

इस अहम मैच से पहले केरल के कोच डेविड जेम्स ने पुणे की ‘अति आक्रामक’ खेल नीति की आलोचना की। जेम्स ने कहा, ‘मुझे लगता है कि पुणे के कुछ खिलाड़ी निलम्बित हैं और इयान ह्यूम हाल ही में टीम से जुड़े हैं। मैं निलम्बन से हैरान नहीं हूं। मुझे इस टीम के खिलाड़ियों द्वारा किया जाने वाला टैकल परेशान और हैरान करता है।’ 

जेम्स ने जमशेदपुर एफसी के साथ घर में हुए पिछले मैच में अपने खिलाड़ियों की तारीफ की। वह मैच 1-1 से ड्रॉ रहा था। केरल ने इस मैच में न सिर्फ कई मौके बनाए थे बल्कि उसकी रक्षापंक्ति ने भी जमशेदपुर की आक्रमण पंक्ति की नकेल कसकर रखी थी।

जेम्स ने कहा, ‘हमारी टीम अच्छा खेली थी। यह इस सत्र में हमारा अब तक का सबसे अच्छा मैच था लेकिन हम जीत नहीं सके। हमारी टीम का मनोबल अच्छा है और अब हमें आगे जाने के लिए हर एक मैच जीतना होगा। वह पुणे के खिलाफ हो या फिर बेंगलुरू के खिलाफ।’

निश्चित तौर पर सबका ध्यान मेजबानों पर होगा, जिनका आत्मबल अभी बढ़ा हुआ है और वे इसी दम पर पुणे के खिलाफ पूरे तीन अंक हासिल करने का प्रयास करेंगे। मेजबानों के लिए चिंता की बात यह है कि निकोला क्रेमारेविक और केजिरोन किजितो चयन के लिए उपलब्ध नहीं हैं।

अंतरिम कोच प्रद्युमन रेड्डी को अपने विदेशी खिलाड़ियों से अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद होगी। पुणे के विदेशी खिलाड़ी अब तक उम्मीद पर खरे नहीं उतरे हैं। मार्सेलिन्हो, डिएगो कार्लोस और मार्को स्टैनकोविक अपने रंग में नहीं हैं और इन चारों के बीच सिर्फ चार गोल हैं। जहां तक भारतीय खिलाड़ियों की बात है तो सिर्फ आशिक कुरुनियन ही गोल कर सके हैं।

रेड्डी जानते हैं कि उनकी टीम का आगे जाना सम्भव नहीं है और इसी कारण वह चाहते हैं कि उनकी टीम अब अपने सभी मैच जीतकर आत्मविश्वास के साथ सत्र का समापन करे।

रेड्डी ने कहा, ‘हमारे लिए अब हर मैच करो या मरो जैसा है। तीन अंक आपको तालिका में ऊपर ले जाएंगे। हम अब किसी भी मैच में हारना नहीं चाहते। गोवा के साथ होने वाले मैच के लिए हमें कम समय मिलेगा। प्लेआफ में जाने की हमारी उम्मीदें खत्म हो चुकी हैं लेकिन हम अधिक से अधिक मैच जीतते हुए आत्मविश्वास के साथ सत्र की समाप्ति करना चाहेंगे।’

केरल ब्लास्टर्स को हीरो इंडियन सुपर लीग (आईएसएल) के पांचवें सत्र में अब तक सिर्फ एकमात्र जीत मिली है और घरेलू मैदान में तो उसका खाता भी नहीं खुला है, अब शुक्रवार को उसका सामना जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में एफसी पुणे सिटी से होगा तो उसकी निगाहें पहली जीत का तोहफा देने का प्रयास करने पर लगी होंगी।

इन दोनों टीमों के बीच सिर्फ चार अंक का फासला है। इन दोनों ने शुरुआती 10 में से सिर्फ एक मैच जीता है। दोनों टीमों की आक्रमण पंक्ति थोड़ी कमजोर है, यही कारण है कि 10 मैचों में दोनों टीमें क्रमश: 11 और नौ गोल कर सकी हैं।

इस अहम मैच से पहले केरल के कोच डेविड जेम्स ने पुणे की ‘अति आक्रामक’ खेल नीति की आलोचना की। जेम्स ने कहा, ‘मुझे लगता है कि पुणे के कुछ खिलाड़ी निलम्बित हैं और इयान ह्यूम हाल ही में टीम से जुड़े हैं। मैं निलम्बन से हैरान नहीं हूं। मुझे इस टीम के खिलाड़ियों द्वारा किया जाने वाला टैकल परेशान और हैरान करता है।’ 

जेम्स ने जमशेदपुर एफसी के साथ घर में हुए पिछले मैच में अपने खिलाड़ियों की तारीफ की। वह मैच 1-1 से ड्रॉ रहा था। केरल ने इस मैच में न सिर्फ कई मौके बनाए थे बल्कि उसकी रक्षापंक्ति ने भी जमशेदपुर की आक्रमण पंक्ति की नकेल कसकर रखी थी।

जेम्स ने कहा, ‘हमारी टीम अच्छा खेली थी। यह इस सत्र में हमारा अब तक का सबसे अच्छा मैच था लेकिन हम जीत नहीं सके। हमारी टीम का मनोबल अच्छा है और अब हमें आगे जाने के लिए हर एक मैच जीतना होगा। वह पुणे के खिलाफ हो या फिर बेंगलुरू के खिलाफ।’

निश्चित तौर पर सबका ध्यान मेजबानों पर होगा, जिनका आत्मबल अभी बढ़ा हुआ है और वे इसी दम पर पुणे के खिलाफ पूरे तीन अंक हासिल करने का प्रयास करेंगे। मेजबानों के लिए चिंता की बात यह है कि निकोला क्रेमारेविक और केजिरोन किजितो चयन के लिए उपलब्ध नहीं हैं।

अंतरिम कोच प्रद्युमन रेड्डी को अपने विदेशी खिलाड़ियों से अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद होगी। पुणे के विदेशी खिलाड़ी अब तक उम्मीद पर खरे नहीं उतरे हैं। मार्सेलिन्हो, डिएगो कार्लोस और मार्को स्टैनकोविक अपने रंग में नहीं हैं और इन चारों के बीच सिर्फ चार गोल हैं। जहां तक भारतीय खिलाड़ियों की बात है तो सिर्फ आशिक कुरुनियन ही गोल कर सके हैं।

रेड्डी जानते हैं कि उनकी टीम का आगे जाना सम्भव नहीं है और इसी कारण वह चाहते हैं कि उनकी टीम अब अपने सभी मैच जीतकर आत्मविश्वास के साथ सत्र का समापन करे।

रेड्डी ने कहा, ‘हमारे लिए अब हर मैच करो या मरो जैसा है। तीन अंक आपको तालिका में ऊपर ले जाएंगे। हम अब किसी भी मैच में हारना नहीं चाहते। गोवा के साथ होने वाले मैच के लिए हमें कम समय मिलेगा। प्लेआफ में जाने की हमारी उम्मीदें खत्म हो चुकी हैं लेकिन हम अधिक से अधिक मैच जीतते हुए आत्मविश्वास के साथ सत्र की समाप्ति करना चाहेंगे।’

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