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कच्चे तेल के उत्पादन में कटौती के लिये ओपेक की आज बैठक, साझेदारों के सामने कड़ी चुनौती

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तेल निर्यातक देशों का संगठन ओपेक कच्चे तेल के उत्पादन में कटौती के लिये शुक्रवार को रूस समेत 10 साझेदार देशों के साथ बैठक करेगा। 

संगठन को बृहस्पतिवार को हुयी बैठक में तेल की कीमतों में गिरावट को देखते हुये कटौती के प्रस्ताव पर हस्ताक्षर होने की उम्मीद थी। हालांकि, यह समझौता नहीं हो सका था। 

सऊदी अरब के पेट्रोलियम मंत्री खालिद अल-फलीह ने वियना में ओपेक की बैठक के बाद संवाददाताओं से कहा,  ‘नहीं, मैं तेल उत्पादन में कटौती को लेकर समझौते पर आश्वस्त नहीं हूं।’ 

रूस के ऊर्जा मंत्री एलेक्जेंडर नोवाक ने सेंट पीटर्सबर्ग में बृहस्पतिवार को कहा, ‘हमारी जलवायु परिस्थितियों के चलते अन्य देशों की तुलना में हमारे लिये कटौती करना ज्यादा मुश्किल है।’ 

इस बीच, सऊदी अरब को अमेरिका की ओर से मानसिक दबाव का सामना करना पड़ रहा है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को एक ट्वीट कर ओपेक देशों से कच्चे तेल की कीमतें नहीं बढ़ाने की मांग की थी। 

अल-फलीह ने जोर देकर कहा कि ‘हमें कच्चे तेल के उत्पादन में कटौती के लिये किसी की इजाजत की जरुरत नहीं है।’

वहीं, सऊदी अरब के प्रतिद्वंद्वी और ओपेक के तीसरे सबसे बड़ा उत्पादक देश ईरान ने उत्पादन में भारी कटौती का पक्ष लिया है। 

तेल निर्यातक देशों का संगठन ओपेक कच्चे तेल के उत्पादन में कटौती के लिये शुक्रवार को रूस समेत 10 साझेदार देशों के साथ बैठक करेगा। 

संगठन को बृहस्पतिवार को हुयी बैठक में तेल की कीमतों में गिरावट को देखते हुये कटौती के प्रस्ताव पर हस्ताक्षर होने की उम्मीद थी। हालांकि, यह समझौता नहीं हो सका था। 

सऊदी अरब के पेट्रोलियम मंत्री खालिद अल-फलीह ने वियना में ओपेक की बैठक के बाद संवाददाताओं से कहा,  ‘नहीं, मैं तेल उत्पादन में कटौती को लेकर समझौते पर आश्वस्त नहीं हूं।’ 

रूस के ऊर्जा मंत्री एलेक्जेंडर नोवाक ने सेंट पीटर्सबर्ग में बृहस्पतिवार को कहा, ‘हमारी जलवायु परिस्थितियों के चलते अन्य देशों की तुलना में हमारे लिये कटौती करना ज्यादा मुश्किल है।’ 

इस बीच, सऊदी अरब को अमेरिका की ओर से मानसिक दबाव का सामना करना पड़ रहा है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को एक ट्वीट कर ओपेक देशों से कच्चे तेल की कीमतें नहीं बढ़ाने की मांग की थी। 

अल-फलीह ने जोर देकर कहा कि ‘हमें कच्चे तेल के उत्पादन में कटौती के लिये किसी की इजाजत की जरुरत नहीं है।’

वहीं, सऊदी अरब के प्रतिद्वंद्वी और ओपेक के तीसरे सबसे बड़ा उत्पादक देश ईरान ने उत्पादन में भारी कटौती का पक्ष लिया है। 

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