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फेसबुक पर लगा 80 करोड़ का जुर्माना, ग्राहकों का डाटा बेचने का है आरोप

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फेसबुक एक बार से विवादों में है और इस बार भी फेसबुक पर बड़ा जुर्माना लगा है। इटली की प्रतिस्पर्धा निगरानी ने फेसबुक पर 10 मिलियन यूरो यानि करीब 11.3 मिलियन डॉलर यानि 80,65,37,500 रुपये का जुर्माना लगाया है। फेसबुक पर यह जुर्माना फेसबुक यूजर्स के डाटा को बेचने के कारण लगा है। फेसबुक पर आरोप है कि उसने साइन अप के दौरान लोगों को गुमराह किया और वह भी लोगों को बिना बताए कि उनके डाटा का इस्तेमाल फेसबुक अपने व्यापार के लिए करेगा।

इटली की प्रतिस्पर्धा निगरानी का यह भी कहना है कि फेसबुक अपने यूजर्स को साफ-साफ नहीं बताता है कि वह उनके डाटा का इस्तेमाल अपने फायदे के लिए करेगा, बल्कि इस बात पर जोर देता है कि फेसबुक पूरी तरह से मुफ्त है। वहीं फेसबुक ने हर बार की तरह इस बार भी कहा है कि उसने ग्राहकों के डाटा को नहीं बेचा है।

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निगरानी बोर्ड ने फेसबुक से यह भी कहा है कि वह अपनी वेबसाइट और ऐप पर इस संबंध में एक माफीनामा भी जारी करे। इस पर फेसबुक के एक प्रवक्ता ने कहा है कि कंपनी निगरानी बोर्ड के निर्णय पर विचार कर रही है और जल्द ही इस मामले को सुलझाया जाएगा। कंपनी ने इसी साल अपनी पॉलिसी में काफी बदलाव किए हैं और यूजर्स को पहले से ज्यादा अधिकार दिए हैं।

बता दें कि फेसबुक पर लगातार डाटा लीक करने और अन्य कंपनियों को अपने यूजर्स के डाटा का एक्सेस देना के आरोप लग रहे हैं और हर बार कंपनी के सीईओ मार्क जुकरबर्ग दलील देते हैं कि कंपनी ऐसा कुछ भी नहीं करती है।

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गौरतलब है कि पिछले सप्ताह ही  ब्रिटिश संसदीय समिति ने अपनी रिपोर्ट में कहा था कि फेसबुक ने कुछ चुनिंदा कंपनियों को यूजर्स के दस्तावेज देखने का अधिकार दिया है। रिपोर्ट के मुताबिक फेसबुक ने एयरबेंब, लिफ्ट और नेटफ्लिक्स जैसी कंपनियों को यूजर्स के डाटा के लिए विशेष पहुंच प्रदान की है।   

फेसबुक एक बार से विवादों में है और इस बार भी फेसबुक पर बड़ा जुर्माना लगा है। इटली की प्रतिस्पर्धा निगरानी ने फेसबुक पर 10 मिलियन यूरो यानि करीब 11.3 मिलियन डॉलर यानि 80,65,37,500 रुपये का जुर्माना लगाया है। फेसबुक पर यह जुर्माना फेसबुक यूजर्स के डाटा को बेचने के कारण लगा है। फेसबुक पर आरोप है कि उसने साइन अप के दौरान लोगों को गुमराह किया और वह भी लोगों को बिना बताए कि उनके डाटा का इस्तेमाल फेसबुक अपने व्यापार के लिए करेगा।

इटली की प्रतिस्पर्धा निगरानी का यह भी कहना है कि फेसबुक अपने यूजर्स को साफ-साफ नहीं बताता है कि वह उनके डाटा का इस्तेमाल अपने फायदे के लिए करेगा, बल्कि इस बात पर जोर देता है कि फेसबुक पूरी तरह से मुफ्त है। वहीं फेसबुक ने हर बार की तरह इस बार भी कहा है कि उसने ग्राहकों के डाटा को नहीं बेचा है।

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निगरानी बोर्ड ने फेसबुक से यह भी कहा है कि वह अपनी वेबसाइट और ऐप पर इस संबंध में एक माफीनामा भी जारी करे। इस पर फेसबुक के एक प्रवक्ता ने कहा है कि कंपनी निगरानी बोर्ड के निर्णय पर विचार कर रही है और जल्द ही इस मामले को सुलझाया जाएगा। कंपनी ने इसी साल अपनी पॉलिसी में काफी बदलाव किए हैं और यूजर्स को पहले से ज्यादा अधिकार दिए हैं।

बता दें कि फेसबुक पर लगातार डाटा लीक करने और अन्य कंपनियों को अपने यूजर्स के डाटा का एक्सेस देना के आरोप लग रहे हैं और हर बार कंपनी के सीईओ मार्क जुकरबर्ग दलील देते हैं कि कंपनी ऐसा कुछ भी नहीं करती है।

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गौरतलब है कि पिछले सप्ताह ही  ब्रिटिश संसदीय समिति ने अपनी रिपोर्ट में कहा था कि फेसबुक ने कुछ चुनिंदा कंपनियों को यूजर्स के दस्तावेज देखने का अधिकार दिया है। रिपोर्ट के मुताबिक फेसबुक ने एयरबेंब, लिफ्ट और नेटफ्लिक्स जैसी कंपनियों को यूजर्स के डाटा के लिए विशेष पहुंच प्रदान की है।   

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