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26/11: इमरान ने कहा- पाकिस्तान भारत से चाहता है शांति वार्ता, आतंक पर होगी कार्रवाई

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पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान का कहना है कि उन्होंने अपनी सरकार से कहा है कि वह 2008 में मुंबई में हुए हमलों की स्थिति का पता लगाएं क्योंकि इसे सुलझाने में पाकिस्तान का हित है। हमले की 10वीं बरसी पर भारत ने हमलों के मास्टरमाइंड और मददकर्ताओं पर मुकदमा चलाने की अपनी बात दोहराई है। आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा पर इस हमले का आरोप है। 

भारत का कहना है कि पाकिस्तान ने आरोपियों को न्याय के समक्ष लाने में थोड़ी सी ईमानदारी दिखाई। खान ने एक इंटरव्यू में कहा, ‘हम मुंबई के हमलावरों को लेकर कुछ करना चाहते हैं। मैंने अपनी सरकार से कहा है कि वह इस मामले की स्थिति का पता लगाएं। इस मामले को सुलझाना हमारे हित में है क्योंकि यह एक आतंकी गतिविधि थी।’

पाकिस्तान की आतंकवाद निरोधक अदातल में सात संदिग्धों के खिलाफ चल रहा ट्रायल रुक गया है। जिसमें लश्कर का कमांडर जकीउर रहमान लखवी का नाम भी शामिल था। पाकिस्तान के अधिकारियों का कहना है कि चीजें आगे ले जाने के लिए उन्हें भारत से और सबूतों की जरूरत है। भारत का कहना है कि आरोपियों के खिलाफ मुकदमा चलाने के लिए उसके पास पर्याप्त सबूत मौजूद हैं। 

जुलाई में चुनाव जीतने के बाद खान ने कहा था कि यदि भारत एक कदम बढ़ाता है तो पाकिस्तान शांति के लिए दो कदम आगे बढ़ाएगा। उन्होंने वह कारण गिनाए जिसकी वजह से भारत ने उसकी शांति की पहल को ठुकरा दिया है। उन्होंने कहा, ‘मुझे पता है क्योंकि भारत में चुनाव होने वाले हैं। सत्ताधारी पार्टी का मुस्लिम और पाकिस्तान विरोधी रवैया रहा है। उन्होंने हमारी सभी शांति पहल को ठुकरा दिया है।’

पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने कहा, ‘मैंने भारत के साथ करतारपुर नामक वीजा मुक्त शांति कॉरिडोर खोला दिया है ताकि भारतीय सिख दर्शनों के लिए पाकिस्तान आ सकें। उम्मीद करते हैं कि चुनाव खत्म होने के बाद हम भारत के साथ फिर से बातचीत शुरू करेंगे।’ उन्होंने अमेरिका के उन दावों को भी खारिज किया जिसमें कहा गया था कि तालिबान के कुछ शरण स्थल पाकिस्तान में स्थित हैं।

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान का कहना है कि उन्होंने अपनी सरकार से कहा है कि वह 2008 में मुंबई में हुए हमलों की स्थिति का पता लगाएं क्योंकि इसे सुलझाने में पाकिस्तान का हित है। हमले की 10वीं बरसी पर भारत ने हमलों के मास्टरमाइंड और मददकर्ताओं पर मुकदमा चलाने की अपनी बात दोहराई है। आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा पर इस हमले का आरोप है। 

भारत का कहना है कि पाकिस्तान ने आरोपियों को न्याय के समक्ष लाने में थोड़ी सी ईमानदारी दिखाई। खान ने एक इंटरव्यू में कहा, ‘हम मुंबई के हमलावरों को लेकर कुछ करना चाहते हैं। मैंने अपनी सरकार से कहा है कि वह इस मामले की स्थिति का पता लगाएं। इस मामले को सुलझाना हमारे हित में है क्योंकि यह एक आतंकी गतिविधि थी।’

पाकिस्तान की आतंकवाद निरोधक अदातल में सात संदिग्धों के खिलाफ चल रहा ट्रायल रुक गया है। जिसमें लश्कर का कमांडर जकीउर रहमान लखवी का नाम भी शामिल था। पाकिस्तान के अधिकारियों का कहना है कि चीजें आगे ले जाने के लिए उन्हें भारत से और सबूतों की जरूरत है। भारत का कहना है कि आरोपियों के खिलाफ मुकदमा चलाने के लिए उसके पास पर्याप्त सबूत मौजूद हैं। 

जुलाई में चुनाव जीतने के बाद खान ने कहा था कि यदि भारत एक कदम बढ़ाता है तो पाकिस्तान शांति के लिए दो कदम आगे बढ़ाएगा। उन्होंने वह कारण गिनाए जिसकी वजह से भारत ने उसकी शांति की पहल को ठुकरा दिया है। उन्होंने कहा, ‘मुझे पता है क्योंकि भारत में चुनाव होने वाले हैं। सत्ताधारी पार्टी का मुस्लिम और पाकिस्तान विरोधी रवैया रहा है। उन्होंने हमारी सभी शांति पहल को ठुकरा दिया है।’

पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने कहा, ‘मैंने भारत के साथ करतारपुर नामक वीजा मुक्त शांति कॉरिडोर खोला दिया है ताकि भारतीय सिख दर्शनों के लिए पाकिस्तान आ सकें। उम्मीद करते हैं कि चुनाव खत्म होने के बाद हम भारत के साथ फिर से बातचीत शुरू करेंगे।’ उन्होंने अमेरिका के उन दावों को भी खारिज किया जिसमें कहा गया था कि तालिबान के कुछ शरण स्थल पाकिस्तान में स्थित हैं।

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