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#SerialKillers: खुद को ‘सुपरमैन’ और ‘भगवान’ समझने लगा था यह कातिल

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देश दुनिया के सीरियल किलर्स #SerialKillers पर आधारित इस विशेष वीकेंड सीरीज़ में आप पिछले तीन सप्ताह में 7 कहानियां पढ़ चुके हैं. इस हफ्ते पढ़िए देश के हालिया दौर के एक ऐसे सीरियल किलर की कहानी जिसे साइको किलर माना गया और मध्य प्रदेश के रमन राघव का नाम दिया गया.

नशे में उस रात सरमन अपने दोस्त डबल को उस कत्ल की कहानी सुना रहा था, जो उसने इंदौर में कुछ ही समय पहले किया था. कहानी सुनाते हुए वह बयान कर रहा था कि कैसे खून बहा और खून देखकर उसे कितना सुकून मिला. सरमन कह रहा था कि बड़ी मेहनत का काम है कत्ल करना, इसलिए मारने के बाद भूख लगी तो पास की दुकान पर जाकर उसने चाट खाई. डबल भी नशे में था और उसने अचानक सरमन से पूछा कि ‘क्या कभी किसी से मुहब्बत की है?’ सरमन की लय टूटी और जैसे उसका नशा उतर गया. उसने डबल से कहा – ‘अबे पागल हो गया है क्या? छोड़ और मत पी.’

सरमन अपनी फिलॉसफी को छोड़कर कुछ ही दिनों से इस लड़के के साथ मिलकर कुछ जरायम को अंजाम दे रहा था, जिसका फर्ज़ी नाम डबल था. डबल ने बातों-बातों में सरमन को बताया कि उसे एक लड़की से प्यार हो गया है और अब वह ये सब छोड़कर एक नई ज़िंदगी शुरू करना चाहता था. सरमन उस रात डबल पर बहुत नाराज़ हुआ और उसका यही कहना था कि इन सब फालतू चक्करों में पड़ना अपनी ज़िंदगी और करियर को तबाह करना है. फिर नशे में डबल को छोड़कर सरमन कहीं चला गया.

अगले दिन डबल ने सरमन से अपनी प्रेमिका को मिलवाने के बारे में बात की तो सरमन ने बाद में मुलाकात करने की बात कहकर उस वक्त बात टाल दी. अगली एक रात सरमन और डबल एक सुनसान जगह पर शराब पी रहे थे. सरमन ने जब देखा कि डबल नशे में आ चुका है, तब सरमन ने अपनी पिस्टल निकाली और डबल को एक और चीज़ दिखाते हुए कहा कि इसे साइलेंसर कहते हैं. इसे पिस्टल के मुंह पर ऐसे फिट करते हैं और इसको लगाकर जब गोली चलाते हैं तो गोली चलने की तेज़ आवाज़ नहीं होती.

डबल नशे में यह सब देखकर खुश हो रहा था कि सरमन ने एक गोली डबल की छाती पर दाग दी. डबल एक हाथ अपनी छाती पर रखकर हैरानी से सरमन की तरफ देख रहा था तब सरमन ने कहा – ‘लड़की के चक्कर में दोस्त से दगाबाज़ी. मैं इसलिए अकेले अपना काम करता था, क्योंकि तेरे जैसे पागलों को इस दुनिया से मोहब्बत हो ही जाती है. तूने कहा साथ में काम करेंगे. तेरा भरोसा किया मैंने लेकिन तू भी निकल लिया. अब दुनिया से निकलने का टाइम हो गया तेरा. चल बाय.’ यह कहकर सरमन ने एक गोली और डबल को मारी और वह खत्म हो गया.

सरमन के लिए यह न तो पहला कत्ल था और न आखिरी. मध्य प्रदेश के पन्ना ज़िले से स्कूल की पढ़ाई करने के बाद इंजीनियर बनने के लिए सरमन ने सागर के एक कॉलेज में दाखिला लिया था लेकिन एक साल भी पूरा नहीं किया और कॉलेज छोड़ दिया. उसे छोटे मोटे अपराधों का चस्का लग चुका था. उसने मंदिर में चोरी की थी और वह पकड़ा नहीं गया था. उसने एक दुकान के गल्ले पर हाथ डाला ​था और वह फिर भी पकड़ा नहीं गया था. अब उसका डर कम होता जा रहा था और जल्दी अमीर होने की ख्वाहिश बढ़ती जा रही थी.

चोरी के कुछ पैसों से सरमन ने एक देसी कट्टे का जुगाड़ कर लिया था और अब वह छोटी-मोटी नहीं बल्कि अच्छी रकम के लिए हाथ मारना चाहता था. पन्ना में वह एक बड़े व्यापारी के बारे में जानता था. यह व्यापारी लाखों रुपये का कारोबार करता था. कुछ दिन सरमन ने उस पर नज़र रखी और फिर एक रात उसे यह जानकारी थी कि यह व्यापारी बड़ी रकम लेकर किस रूट से जा रहा है. वहीं एक सुनसान जगह घात लगाए बैठे सरमन ने उस व्यापारी को गोली मार दी और पांच लाख रुपये छीन लिये.

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अब सरमन को कत्ल करने का चस्का लग चुका था और वह लूट के मकसद से ही कत्ल करता था. तीन-चार कत्ल के बावजूद उसका सुराग किसी को नहीं लगा तो उसके हौसले और बुलंद हुए. अब वह कत्ल के बाद लाश को एक बैग में डालकर या किसी गाड़ी में रखकर किसी दूसरे शहर में फेंककर आता था, ताकि पुलिस कन्फ्यूज़ होती रही.

इसी दौरान एक दिन पिस्तौल मुहैया कराने वाले एक गुंडे से उसकी मुलाकात हुई तो सरमन ने अपने लिए एक पिस्तौल की जुगाड़ करने को कहा. कुछ ही दिनों में उसने एक पिस्तौल सरमन को दी तो सरमन फिल्मी अंदाज़ में उस पिस्तौल के साथ पोज़ करता रहा और उसे ऐसा महसूस हो रहा था कि जैसे उसके हाथ में कोई पावर आ गई है. फिर सरमन ने उस पिस्तौल के बारे में पूछताछ की कि यह ठीक से काम करेगी कि नहीं. अब वह उस पिस्तौल को अस्ल में जांचना चाहता था.

एक सुनसान इलाके में बने एक मकान में ताक-झांक करने के बाद वह भीतर घुसा. अगले ही पल एक औरत उसके सामने आई और उसने जैसे ही पूछा कौन? तो सरमन ने सिर्फ दो हाथ दूर से उस पिस्तौल से गोली दाग दी. वह औरत नीचे गिर पड़ी और उसकी जान चली गई. सरमन ने एक पल भी उस औरत को नहीं देखा बल्कि वह उस पिस्तौल को देखकर खुश हो रहा था.

He blurted his mind – ‘Amazing thing is that man, now he is also a superman. Now you can do whatever you like. ‘ Sarman was saying that he had got some supernatural power and he has become a God who can kill anyone.

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Now Sarman had gone on a journey to become a serial killer with a murderer. He had made his two rigid rules, the first principle was not to associate with anyone but kill him alone and the second principle was never to use a mobile phone. Both these principles proved to be effective in keeping them from the police in spite of many murders. Then he had made a friend in Dewas near Indore, along with some gurayam, but when this friend fell in love with a girl, Sarman also killed him and swore that now someone is hurt Will not join with you

In Indore, Gwalior, Jabalpur, Panna and Satna districts, most of the slaughter houses were executed. Then in 2011, Sarman reached Satna.

According to his plan on July 25, 2011, at 10 a.m. in Saramman Satna was present in Mukhtiarganj and was waiting for his prey. He was waiting for a gold trader Ramdutt Soni As soon as Soni reached his shop with his wife Shobha, the Sameer Sarman came forward and started shooting the bullets on both of them. Shobha died on the spot after the shooting, but Ramdutt, despite the bullet, did not lose courage and tried to catch Saraman.

Due to the courage to work Ramadatt with such courage and to make frequent noise, nearby youth and shopkeepers also joined Ramdatta. A lot of people were trapped on the Sarman and in a while the pistol had been sprayed by Sarman’s hand and he was in the grip of many people. Soon the police was called and Saraman was handed over to the police.

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Mukhtiyaranganj area in Satna where Sarman attacked the bullion trader.

After this, as soon as the senior police officer started the interrogation with the Sarman in the Torcherroom room, Sarman said:

Sir, do not kill I will tell you everything you ask. Everything where I killed-where did I kill it? But you do not kill sir. I am going to be a big man soon … I have to fight now and then …

The police officer was not laughing, but was surprised because it was realized that his hand was not a slight mischievous serial killer. In the interrogation, Sarman, 28-29 years old, confessed to the murder of at least 22 people in different cities and the police recovered looted goods from him. Raman Raghav of Madhya Pradesh called this psycho killer Sarman Shivvah had changed the intention of killing one of his victims because the cat had cut his path. At present, Madhya Pradesh serial killer Saraman is in jail in some cases convicted.

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Raman Raghav of Madhya Pradesh called the serial killer Sarman Shivvirtha
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