The news is by your side.

अखिलेश-मायावती से मिलने लखनऊ पहुंचे तेजस्वी यादव, सियासी गलियारों में बढ़ी हलचल

0

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Updated Mon, 14 Jan 2019 12:05 AM IST

Related Posts

ख़बर सुनें

राष्ट्रीय जनता दल के नेता व बिहार के पूर्व उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने बसपा और सपा के बीच गठबंधन के दूसरे दिन यहां बसपा सुप्रीमो मायावती से मुलाकात की। सोमवार को वह सपा मुखिया अखिलेश यादव से मिलेंगे। तेजस्वी ने कहा कि इस समय देश में अघोषित इमरजेंसी जैसे हालात हैं। सपा-बसपा गठबंधन से लालू का सपना साकार हुआ है।

बिहार से रविवार रात में लखनऊ के अमौसी एयरपोर्ट पहुंचे तेजस्वी ने मीडिया से बात की। उन्होंने कहा कि वह मायावती व अखिलेश यादव से शिष्टाचार मुलाकात के लिए आए हैं। लालू जी की कल्पना थी कि यूपी में एक महागठबंधन हो जिसमें सपा और बसपा मिलकर चुनाव लड़ें।

आज देश के जो हालात हैं उसमें यह गठबंधन आवश्यक हो गया था। इस समय देश में अघोषित इमरजेंसी जैसे हालात हैं। संविधान के साथ छेड़छाड़ की कोशिश हो रही है। जो मोहन भागवत कह रहे हैं, नरेंद्र मोदी वही कर रहे हैं। भाजपा सरकार नागपुरिया कानून को संविधान की जगह लागू करना चाहती है। यह कत्तई नहीं होने दिया जाएगा।

तेजस्वी ने कहा कि उनकी लड़ाई मोदी को हटाने या हराने की नहीं है। उनसे कोई नफरत या गुस्सा नहीं है। यह एक विचार की लड़ाई है। मोदी से पहले भी लालू प्रसाद यादव बीजेपी व आरएसएस का विरोध करते रहे हैं। राजद नेता ने कहा कि संवैधानिक संस्थानों की प्रतिष्ठा गिराई जा रही है। पहली बार आरबीआई गवर्नर ने इस्तीफा दिया। सीबीआई को तोता कहा जा चुका है।

सीबीआई व अन्य केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग हो रहा है। मायावती और अखिलेश के बीच गठबंधन के बारे में जैसे पता चला छापेमारी शुरू हो गई। उन्होंने कहा कि लालू बीजेपी के सामने नहीं झुके इसलिए जेल में हैं। मेरे ऊपर तब के मामले में एफआईआर दर्ज करा दी गई थी जब मूंछें भी नहीं आई थीं। इसमें बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का योगदान था।

राष्ट्रीय जनता दल के नेता व बिहार के पूर्व उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने बसपा और सपा के बीच गठबंधन के दूसरे दिन यहां बसपा सुप्रीमो मायावती से मुलाकात की। सोमवार को वह सपा मुखिया अखिलेश यादव से मिलेंगे। तेजस्वी ने कहा कि इस समय देश में अघोषित इमरजेंसी जैसे हालात हैं। सपा-बसपा गठबंधन से लालू का सपना साकार हुआ है।

बिहार से रविवार रात में लखनऊ के अमौसी एयरपोर्ट पहुंचे तेजस्वी ने मीडिया से बात की। उन्होंने कहा कि वह मायावती व अखिलेश यादव से शिष्टाचार मुलाकात के लिए आए हैं। लालू जी की कल्पना थी कि यूपी में एक महागठबंधन हो जिसमें सपा और बसपा मिलकर चुनाव लड़ें।

आज देश के जो हालात हैं उसमें यह गठबंधन आवश्यक हो गया था। इस समय देश में अघोषित इमरजेंसी जैसे हालात हैं। संविधान के साथ छेड़छाड़ की कोशिश हो रही है। जो मोहन भागवत कह रहे हैं, नरेंद्र मोदी वही कर रहे हैं। भाजपा सरकार नागपुरिया कानून को संविधान की जगह लागू करना चाहती है। यह कत्तई नहीं होने दिया जाएगा।

तेजस्वी ने कहा कि उनकी लड़ाई मोदी को हटाने या हराने की नहीं है। उनसे कोई नफरत या गुस्सा नहीं है। यह एक विचार की लड़ाई है। मोदी से पहले भी लालू प्रसाद यादव बीजेपी व आरएसएस का विरोध करते रहे हैं। राजद नेता ने कहा कि संवैधानिक संस्थानों की प्रतिष्ठा गिराई जा रही है। पहली बार आरबीआई गवर्नर ने इस्तीफा दिया। सीबीआई को तोता कहा जा चुका है।

सीबीआई व अन्य केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग हो रहा है। मायावती और अखिलेश के बीच गठबंधन के बारे में जैसे पता चला छापेमारी शुरू हो गई। उन्होंने कहा कि लालू बीजेपी के सामने नहीं झुके इसलिए जेल में हैं। मेरे ऊपर तब के मामले में एफआईआर दर्ज करा दी गई थी जब मूंछें भी नहीं आई थीं। इसमें बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का योगदान था।

Loading...