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आम चुनाव के लिए जम्मू-कश्मीर समेत छह राज्यों से तैयारियों का ब्योरा तलब

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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Tue, 22 Jan 2019 12:52 AM IST

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लोकसभा चुनाव की तैयारी के लिए केंद्रीय निर्वाचन आयोग ने राज्यों से जानकारी तलब की है। आम चुनाव के साथ जम्मू-कश्मीर समेत छह राज्यों में विधानसभा चुनाव कराने के लिए आयोग ने इन राज्यों से विशेष रूप से सुरक्षा संबंधी जानकारियां देने को कहा है। जम्मू-कश्मीर पर गृह मंत्रालय से भी रिपोर्ट मांगी गई है। आयोग ने राज्यों के मुख्य चुनाव आयुक्तों से लोकसभा चुनाव के लिए बजट का भी प्रस्ताव देने को कहा है।

आयोग झारखंड, ओडिशा, हरियाणा, महाराष्ट्र, आंध्रप्रदेश और जम्मू-कश्मीर में लोकसभा के साथ विधानसभा चुनाव की संभावना तलाश रहा है। राज्यों की रिपोर्ट पर ही आंतरिक हालात का आकलन कर रणनीति तय होगी। जम्मू-कश्मीर में दोनों चुनाव साथ कराना सबसे बड़ी चुनौती है। पिछले साल 21 नवंबर को राज्य विधानसभा भंग की गई थी। 

आयोग को छह महीने में विधानसभा चुनाव कराना है और यह सीमा 21 मई को खत्म हो रही है। आयोग ने राज्यों में अधिकारियों की संख्या, तीन साल से एक ही जगह जमे अधिकारियों की सूची, सुरक्षाकर्मियों की संख्या और इनमें से कितनों को चुनावी ड्यूटी में लगाया जा सकता है, राज्यवार नोडल अधिकारियों की संख्या और चुनाव में जरूरत, जरूरी वाहनों की संख्या आदि की जानकारी मांगी है।

लोकसभा चुनाव की तैयारी के लिए केंद्रीय निर्वाचन आयोग ने राज्यों से जानकारी तलब की है। आम चुनाव के साथ जम्मू-कश्मीर समेत छह राज्यों में विधानसभा चुनाव कराने के लिए आयोग ने इन राज्यों से विशेष रूप से सुरक्षा संबंधी जानकारियां देने को कहा है। जम्मू-कश्मीर पर गृह मंत्रालय से भी रिपोर्ट मांगी गई है। आयोग ने राज्यों के मुख्य चुनाव आयुक्तों से लोकसभा चुनाव के लिए बजट का भी प्रस्ताव देने को कहा है।

आयोग झारखंड, ओडिशा, हरियाणा, महाराष्ट्र, आंध्रप्रदेश और जम्मू-कश्मीर में लोकसभा के साथ विधानसभा चुनाव की संभावना तलाश रहा है। राज्यों की रिपोर्ट पर ही आंतरिक हालात का आकलन कर रणनीति तय होगी। जम्मू-कश्मीर में दोनों चुनाव साथ कराना सबसे बड़ी चुनौती है। पिछले साल 21 नवंबर को राज्य विधानसभा भंग की गई थी। 

आयोग को छह महीने में विधानसभा चुनाव कराना है और यह सीमा 21 मई को खत्म हो रही है। आयोग ने राज्यों में अधिकारियों की संख्या, तीन साल से एक ही जगह जमे अधिकारियों की सूची, सुरक्षाकर्मियों की संख्या और इनमें से कितनों को चुनावी ड्यूटी में लगाया जा सकता है, राज्यवार नोडल अधिकारियों की संख्या और चुनाव में जरूरत, जरूरी वाहनों की संख्या आदि की जानकारी मांगी है।