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एसबीआई के खातों से चोरी हो रहे हैं पैसे, हैकर्स अपना रहे हैं यह नया तरीका

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देश के सबसे बड़े बैंक भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने अपने ग्राहकों ने चेतावनी जारी की है। एसबीआई ने कहा है कि बैंक ग्राहकों के खातों से हैकर्स सेंधमारी करके पैसे निकाल रहे हैं। 

एसबीआई के नाम से भेज रहे हैं ई-मेल

ग्राहकों को एसबीआई के नाम से ई-मेल भेजा जा रहा है। इस ई-मेल के जरिए ग्राहकों की व्यक्तिगत पहचान का डेटा और वित्तीय खातों की जानकारी चुराने के लिए सामाजिक इंजीनियरी और तकनीकी धोखाधड़ी दोनों ही का उपयोग किया जाता है। 

ऐसे हो रही है हैकिंग

बैंक ने अपने तमाम ग्राहकों से कहा है कि वो ऐसे किसी भी ईमेल का जवाब न दें। उपयोगकर्ता हाइपरलिंक पर क्लिक करता है और एक नकली वेब साइट खुल जाती है जोकि असली इंटरनेट बैंकिंग साइट के समान प्रतीत होती है।

आमतौर पर ई-मेल में या तो कुछ प्रक्रिया पूरी करने पर इनाम या प्रक्रिया पूरी न करने पर दंड लगाने की चेतावनी दी जाती है। उपयोगकर्ता को गोपनीय जानकारी जैसे लॉगइन/ प्रोफाइल या लेनदेन पासवर्ड और बैंक खाता संख्या आदि देने के लिए कहा जाता है।

उपयोगकर्ता सदविश्वास में जानकारी प्रदान करता है और ‘सबमिट’ बटन पर क्लिक करता है। उपयोगकर्ता के समक्ष एरर पेज प्रदर्शित होता है। उपयोगकर्ता फिशिंग हमले की चपेट में आ जाता है। ई-मेल के जरिए पहले आपसे आपको यह बताया जाता था कि आपने लॉटरी में लाखों डॉलर जीते है। कैश इनाम पाने के लिए आपको अपनी पर्सनल डिटेल्स भेजनी होगी। जैसे ही आप डिटेल्स भेजते थे अकाउंट से पैसे निकल जाते थे। आप इसकी शिकायत संबंधित बैंक और पुलिस को करते थे लेकिन कोई हल नहीं निकलता था।

विशिंग नए प्रकार का साइबर क्राइम है जिसमें आपको फोन करके पहले विश्वाश दिलाया जाता है कि फोन करने वाला व्यक्ति बैंक से कॉल कर रहा है। फिर वो आपके अकाउंट को अपडेट करने के लिए आपसे अकाउंट या कार्ड की डिटेल्स मांगता है और आपके अकाउंट से चंद मिनटों में पैसा निकल जाता है।

कैसे काम करता है विशिंग

ऐसे हैकर बैंक के नेटवर्क या फिर आपकी सोशल प्रोफाइल में सेंध लगाकर के आपको फोन करते है। हैकर डेटा से ऐसे लोगों की प्रोफाइल निकालते है जिनके बैंक ट्रांजैक्शन बहुत ज्यादा होते है या फिर वो सिनियर सिटीजंस हो। क्योंकि ऐसे लोगों से अकाउंट या कार्ड की डिटेल्स लेना आसान होता है।

हैकर कॉल करने के दौरान टारगेट कस्टमर्स को गिफ्टस या रिवार्डस पाइंट्स के बदले कैश देने का ऑफर देते है। ये ही नहीं हैकर आपको लोन देने के बहाने भी फोन करते है और आपकी बैंक डिटेल्स लेने का प्रयास करते है।

नहीं दे अपनी बैंक या ओटीपी डिटेल्स

विशिंग करने वालों का पूरा गैंग होता है, इसमें महिलाएं भी शामिल होती हैं। कॉल करने वाले आपको कॉल करके ऐसे डराते है कि अगर आप उनको बैंक से संबंधित जानकारी नहीं दोंगे तो आप अपने अकाउंट से कोई काम नहीं कर पाएंगे।

डिटेल्स लेने के बाद वो आपके फोन पर आया ओटीपी भी मांगते है। यह जानकारी किसी के साथ भी शेयर नहीं करनी चाहिए क्योंकि ओटीपी कोड एक बार जेनरेट होने के बाद 15 से 30 मिनट के लिए वैध रहता है। ओटीपी देते ही हैकर आपकी कॉल डिसकनेक्ट कर देते है और थोड़ी ही देर में आपको मैसेज आता है कि आपके अकाउंट से पैसे निकल गए।

आसानी से नहीं लगता है ऐसे गैंग का पता

अगर गलती से आपने अपना ओटीपी शेयर कर दिया है तो आपका अकाउंट चंद मिनटों में खाली हो जाता है। ऐसे हैकर आपके अकाउंट से निकाले गए पैसे को किसी पेमेंट वॉलेट में भेज देते है जिसके कारण इसको ट्रेस करना काफी मुश्किल होता है। बाद में हैकर्स इस पैसे का इस्तेमाल ऑनलाइन खरीददारी के लिए करते है। हैकर्स आपके द्वारा दी जानकारी के बाद आपके सिम, क्रेडिट और डेबिट कार्ड का क्लोन भी बना लेते हैं।

क्या करें अगर हो जाएं आप विशिंग के शिकार

अगर आप भी विशिंग के शिकार हुए है तो आप किसी निकट के पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज करें। इन मामलों को पुलिस का साइबर क्राइम सेल देखता है तो अगर आपको पुलिस स्टेशन में साइबर क्राइम सेल दिखे तो उसमें शिकायत करें।

शिकायत दर्ज करते वक्त कॉलर का नंबर दे। अगर आपने कॉल को रिकॉर्ड किया है तो फिर उसको भी जांच करने वाले अधिकारी के साथ शेयर करे। साथ ही साथ व्हाट्सऐप या फिर एसएमएस की डिटेल्स भी शेयर करें।

फिर बैंक में जाकर के एफआईआर की कॉपी सबमिट करें और बैंक मैनेजर से आग्रह करें कि वो आपकी बैंक अकाउंट से संबंधित डिटेल्स को चेंज करें। इसके साथ ही अपना क्रेडिट और डेबिट कार्ड भी ब्लॉक करा दें और नए कार्ड के आने तक बैंक से किसी भी प्रकार का कोई ट्रांजैक्शन ना करें। नए रि-इश्यू हुए कार्ड का पासवर्ड भी तुरंत चेंज करें।  

इतना सब करने के बाद आप आगे से विशिंग से बचे रहेंगे। 

देश के सबसे बड़े बैंक भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने अपने ग्राहकों ने चेतावनी जारी की है। एसबीआई ने कहा है कि बैंक ग्राहकों के खातों से हैकर्स सेंधमारी करके पैसे निकाल रहे हैं। 

एसबीआई के नाम से भेज रहे हैं ई-मेल

ग्राहकों को एसबीआई के नाम से ई-मेल भेजा जा रहा है। इस ई-मेल के जरिए ग्राहकों की व्यक्तिगत पहचान का डेटा और वित्तीय खातों की जानकारी चुराने के लिए सामाजिक इंजीनियरी और तकनीकी धोखाधड़ी दोनों ही का उपयोग किया जाता है। 

ऐसे हो रही है हैकिंग

बैंक ने अपने तमाम ग्राहकों से कहा है कि वो ऐसे किसी भी ईमेल का जवाब न दें। उपयोगकर्ता हाइपरलिंक पर क्लिक करता है और एक नकली वेब साइट खुल जाती है जोकि असली इंटरनेट बैंकिंग साइट के समान प्रतीत होती है।

आमतौर पर ई-मेल में या तो कुछ प्रक्रिया पूरी करने पर इनाम या प्रक्रिया पूरी न करने पर दंड लगाने की चेतावनी दी जाती है। उपयोगकर्ता को गोपनीय जानकारी जैसे लॉगइन/ प्रोफाइल या लेनदेन पासवर्ड और बैंक खाता संख्या आदि देने के लिए कहा जाता है।

उपयोगकर्ता सदविश्वास में जानकारी प्रदान करता है और ‘सबमिट’ बटन पर क्लिक करता है। उपयोगकर्ता के समक्ष एरर पेज प्रदर्शित होता है। उपयोगकर्ता फिशिंग हमले की चपेट में आ जाता है। ई-मेल के जरिए पहले आपसे आपको यह बताया जाता था कि आपने लॉटरी में लाखों डॉलर जीते है। कैश इनाम पाने के लिए आपको अपनी पर्सनल डिटेल्स भेजनी होगी। जैसे ही आप डिटेल्स भेजते थे अकाउंट से पैसे निकल जाते थे। आप इसकी शिकायत संबंधित बैंक और पुलिस को करते थे लेकिन कोई हल नहीं निकलता था।

विशिंग नए प्रकार का साइबर क्राइम है जिसमें आपको फोन करके पहले विश्वाश दिलाया जाता है कि फोन करने वाला व्यक्ति बैंक से कॉल कर रहा है। फिर वो आपके अकाउंट को अपडेट करने के लिए आपसे अकाउंट या कार्ड की डिटेल्स मांगता है और आपके अकाउंट से चंद मिनटों में पैसा निकल जाता है।

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