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'भारत में सूरज की रोशनी तेज होती तो क्या मैच रोक देते'

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स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला
Updated Fri, 25 Jan 2019 08:36 AM IST

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नेपियर के मेयर बिल डाल्टन ने कहा कि भारत को न्यूजीलैंड के क्रिकेटरों को इतना मजबूत होना चाहिए कि आंख में सूरज की रोशनी कुछ हद तक बर्दाश्त कर सकें। उन्होंने यह भी सवाल दागा कि अगर यही हालात भारत में होते तो क्या खिलाड़ी मैदान छोड़ देते।

भारत और न्यूजीलैंड के बीच पहले वनडे में डूबते सूरज की रोशनी से बाधा पड़ने के कारण खेल करीब आधा घंटा रोकना पड़ा था। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में ऐसा पहली बार हुआ था। डाल्टन ने कहा, ‘क्या भारत में भी ऐसी स्थिति पैदा होती तो वे मैदान छोड़ देते।’

उन्होंने कहा, ईमानदारी से कहूं तो मेरा मानना है कि ये सभी खिलाड़ी हैं और उन्हें इतना मजबूत तो होना चाहिए कि कुछ समय तक सूरज की रोशनी झेल सकें। यह आउटडोर खेल है और उन्हें मजबूत होना ही चाहिए। मेरे लिए यह सब अजीब था।

इससे पहले टीम इंडिया-न्यूजीलैंड के बीच पांच मैचों की वनडे सीरीज के पहले मुकाबले में गत बुधवार को एक अजीब वाकया देखने को मिला। न्यूजीलैंड की 158 रनों की चुनौती का सामना करने उतरी टीम इंडिया की बल्लेबाजी के दौरान मैच सूरज की तेज रोशनी के कारण रोकना पड़ गया।

उस वक्त टीम इंडिया शिखर धवन और विराट कोहली बल्लेबाजी कर रहे थे, तभी अंपायरों ने मैच रोकने का फैसला किया। कीवी गेंदबाज लोकी फर्ग्युसन गेंदबाजी कर रहे थे कि शिखर धवन ने तेज रोशनी की परेशानी के चलते अंपायर को सूचित किया।

भारत का स्कोर उस समय 10.1 ओवर में 1 विकेट खोकर 44 रन था। ओपनर शिखर 29 और कैप्टन विराट कोहली 2 रन बनाकर खेल रहे थे। इससे पहले टीम इंडिया के गेंदबाजों ने कमाल का प्रदर्शन करते हुए न्यूजीलैंड को 157 रन पर ऑलआउट कर दिया था।

नेपियर के मेयर बिल डाल्टन ने कहा कि भारत को न्यूजीलैंड के क्रिकेटरों को इतना मजबूत होना चाहिए कि आंख में सूरज की रोशनी कुछ हद तक बर्दाश्त कर सकें। उन्होंने यह भी सवाल दागा कि अगर यही हालात भारत में होते तो क्या खिलाड़ी मैदान छोड़ देते।

भारत और न्यूजीलैंड के बीच पहले वनडे में डूबते सूरज की रोशनी से बाधा पड़ने के कारण खेल करीब आधा घंटा रोकना पड़ा था। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में ऐसा पहली बार हुआ था। डाल्टन ने कहा, ‘क्या भारत में भी ऐसी स्थिति पैदा होती तो वे मैदान छोड़ देते।’

उन्होंने कहा, ईमानदारी से कहूं तो मेरा मानना है कि ये सभी खिलाड़ी हैं और उन्हें इतना मजबूत तो होना चाहिए कि कुछ समय तक सूरज की रोशनी झेल सकें। यह आउटडोर खेल है और उन्हें मजबूत होना ही चाहिए। मेरे लिए यह सब अजीब था।

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