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टाटा की सबसे सस्ती कार बाजार को कह जाएगी अलविदा

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टाटा मोटर्स की नैनो कार जब आई तो लोगों में एक खुशी की लहर थी हो भी क्यों ना। भारत की सबसे सस्ती कार जो थी फिलहाल आपको बता दें, भारत की यह सबसे सस्ती कार बहुत जल्द बंद होने जा रही है। टाटा मोटर्स की ओर से जारी बयान में कहा गया कि कंपनी इस कार का प्रोडक्शन कंपनी 2020 में बंद कर सकती है।  

टाटा मोटर्स के प्रेसिडेंट (यात्री वाहन बिजनेस यूनिट) मयंक पारीक के अनुसार जनवरी से सरकार के नए सुरक्षा नियम लागू हो रहे हैं। और अप्रैल में कुछ और भी नियम आएंगे। इसके अलावा अप्रैल 2020 से बीएस-6 प्रदूषण मानक भी लागू होंगे। इन्हीं सब को देखते हुए कंपनी ने नैनो को अपडेट न करने का प्लान बनाया है।

बता दें, यह कार रतन टाटा का ड्रीम प्रोजेक्ट थी, जिसे इन्होंने दोपहिया वाहन का उपयोग करने वालों के लिए तैयार किया था। हालांकि इस कार को बाजार में कोई खास रेस्पॉन्स नहीं मिला । टाटा ग्रुप के रतन टाटा ने 18 मई 2006 को घोषणा की थी कि वह पश्चिम बंगाल के हुगली जिले के सिंगुर में करीब 997 एकड़ जमीन पर लखटकिया कार फैक्टरी बनाएंगे। उस समय पश्चिम बंगाल में वाममोर्चा की सरकार थी और सीएम बुद्धदेब भट्टाचार्य थे।

10 जनवरी को दिल्ली के 9वें ऑटो एक्स्पो मेले में नैनो का फर्स्ट लुक सबके सामने आया। इसमें कई खासियतें थी। इसको एक छोटी क्यूट कार के तौर पर देखा जा रहा था, जिसे लोग पसंद भी कर रहे थे। कपंनी का दावा था कि ये कार टू व्हीलर के मुकाबले कम प्रदूषण फैलाएगी।

मार्च 23 2009 को इसका पहला मॉडल लॉन्च हुआ। टाटा नैनो एसटीडी, टाटा नैनो एक्स एल और टाटा नैनो सी एक्स। इनकी कीमत थी लगभग 1 लाख 67 हजार रुपए। छोटी कार के बाजार के लिए ये बड़ी बात थी कि टाटा मोटर्स ने इतनी कम कीमत में सरकार के सारे नियमों को मानते हुए लोगों के लिए एक कंफर्टेबल कार लॉन्च कर दी थी।

टाटा मोटर्स की नैनो कार जब आई तो लोगों में एक खुशी की लहर थी हो भी क्यों ना। भारत की सबसे सस्ती कार जो थी फिलहाल आपको बता दें, भारत की यह सबसे सस्ती कार बहुत जल्द बंद होने जा रही है। टाटा मोटर्स की ओर से जारी बयान में कहा गया कि कंपनी इस कार का प्रोडक्शन कंपनी 2020 में बंद कर सकती है।  

टाटा मोटर्स के प्रेसिडेंट (यात्री वाहन बिजनेस यूनिट) मयंक पारीक के अनुसार जनवरी से सरकार के नए सुरक्षा नियम लागू हो रहे हैं। और अप्रैल में कुछ और भी नियम आएंगे। इसके अलावा अप्रैल 2020 से बीएस-6 प्रदूषण मानक भी लागू होंगे। इन्हीं सब को देखते हुए कंपनी ने नैनो को अपडेट न करने का प्लान बनाया है।

बता दें, यह कार रतन टाटा का ड्रीम प्रोजेक्ट थी, जिसे इन्होंने दोपहिया वाहन का उपयोग करने वालों के लिए तैयार किया था। हालांकि इस कार को बाजार में कोई खास रेस्पॉन्स नहीं मिला । टाटा ग्रुप के रतन टाटा ने 18 मई 2006 को घोषणा की थी कि वह पश्चिम बंगाल के हुगली जिले के सिंगुर में करीब 997 एकड़ जमीन पर लखटकिया कार फैक्टरी बनाएंगे। उस समय पश्चिम बंगाल में वाममोर्चा की सरकार थी और सीएम बुद्धदेब भट्टाचार्य थे।