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दिव्यांग भाइयों ने राष्ट्रीय कुश्ती में जीता स्वर्ण और रजत पदक

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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सुंदरनगर (मंडी)
Updated Thu, 31 Jan 2019 12:50 PM IST

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दिल में कुछ कर गुजरने की चाहत हो तो इंसान कोई भी मुकाम हासिल कर सकता है। चाहे वह शारीरिक रूप से अक्षम हो। ऐसा ही कुछ कर दिखाया है मंडी जिले के सुंदरनगर निवासी दिव्यांग दो सगे भाइयों ने। दोनों भाइयों ने नेशनल कुश्ती प्रतियोगिता में हिमाचल को गोल्ड और सिल्वर मेडल दिलाकर अपनी अलग पहचान बनाई है।

23वीं सीनियर नेशनल मूक बधिर स्पोर्ट्स चैंपियनशिप तमिलनाडु में हुई।  मेडल जीतने वाले भाइयों में एक सौ प्रतिशत बोल और सुन नहीं पाता है, जबकि दूसरा भाई बीस प्रतिशत ही बोल और सुन सकता है। ये दोनों सुंदरनगर के भरजवाणु गांव के रहने वाले हैं।

मुनी लाल के बड़े बेटे अजय (21) ने तमिलनाडु में हुई 23वीं सीनियर नेशनल मूक बधिर स्पोर्ट्स चैंपियनशिप में सिल्वर मेडल जीता है। वहीं, छोटे बेटे विजय (20) ने गोल्ड मेडल जीतकर हिमाचल सहित सुंदरनगर का मान बढ़ाया है। दोनों भाइयों के मेडल जीतने पर उनके गांव में खुशी की लहर दौड़ गई है। विजय और अजय कोच जॉनी चौधरी की देख-रेख में अभ्यास कर रहे हैं।

जॉनी चौधरी ने बताया कि दोनों ने हिमाचल का नाम चमकाया है। यह उनके माता-पिता और अकादमी के लिए गर्व का विषय है। बताया कि उनके पिता मुनि लाल भी एक कुश्ती खिलाड़ी रह चुके हैं। दोनों का सुंदरनगर पहुंचने पर भव्य स्वागत किया जाएगा। इनका चयन इंटरनेशनल प्रतियोगिता के लिए हुआ है।

दिल में कुछ कर गुजरने की चाहत हो तो इंसान कोई भी मुकाम हासिल कर सकता है। चाहे वह शारीरिक रूप से अक्षम हो। ऐसा ही कुछ कर दिखाया है मंडी जिले के सुंदरनगर निवासी दिव्यांग दो सगे भाइयों ने। दोनों भाइयों ने नेशनल कुश्ती प्रतियोगिता में हिमाचल को गोल्ड और सिल्वर मेडल दिलाकर अपनी अलग पहचान बनाई है।

23वीं सीनियर नेशनल मूक बधिर स्पोर्ट्स चैंपियनशिप तमिलनाडु में हुई।  मेडल जीतने वाले भाइयों में एक सौ प्रतिशत बोल और सुन नहीं पाता है, जबकि दूसरा भाई बीस प्रतिशत ही बोल और सुन सकता है। ये दोनों सुंदरनगर के भरजवाणु गांव के रहने वाले हैं।

मुनी लाल के बड़े बेटे अजय (21) ने तमिलनाडु में हुई 23वीं सीनियर नेशनल मूक बधिर स्पोर्ट्स चैंपियनशिप में सिल्वर मेडल जीता है। वहीं, छोटे बेटे विजय (20) ने गोल्ड मेडल जीतकर हिमाचल सहित सुंदरनगर का मान बढ़ाया है। दोनों भाइयों के मेडल जीतने पर उनके गांव में खुशी की लहर दौड़ गई है। विजय और अजय कोच जॉनी चौधरी की देख-रेख में अभ्यास कर रहे हैं।

जॉनी चौधरी ने बताया कि दोनों ने हिमाचल का नाम चमकाया है। यह उनके माता-पिता और अकादमी के लिए गर्व का विषय है। बताया कि उनके पिता मुनि लाल भी एक कुश्ती खिलाड़ी रह चुके हैं। दोनों का सुंदरनगर पहुंचने पर भव्य स्वागत किया जाएगा। इनका चयन इंटरनेशनल प्रतियोगिता के लिए हुआ है।