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डाटा लीक से लोगों को नहीं पड़ रहा फर्क, 2.32 अरब पहुंची फेसबुक यूजर्स की संख्या

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विवादों में फंसने के बाद भी सोशल मीडिया वेबसाइट फेसबुक के उपयोक्ताओं की संख्या में वृद्धि हुई है। इसके दम पर फेसुबक का मुनाफा दिसंबर तिमाही में 61 प्रतिशत बढ़कर 6.9 अरब डॉलर पर पहुंच गया। कंपनी ने बुधवार को इसकी जानकारी दी।

कंपनी ने कहा की वर्ष की चौथी तिमाही में उसका राजस्व सालाना आधार पर 30 प्रतिशत बढ़कर 16.90 अरब डॉलर पर पहुंच गया। इस दौरान कंपनी के उपयोक्ताओं की संख्या नौ प्रतिशत बढ़कर 2.32 अरब पर पहुंच गयी। कंपनी के मुख्य कार्यकारी मार्क जुकरबर्ग ने परिणाम पर कहा, ‘‘हमारे समुदाय और कारोबार की वृद्धि जारी है।’’ 

कंपनी का शेयर परिणाम जारी होने के बाद 7.70 प्रतिशत उछल गया और 161.99 डॉलर पर पहुंच गया। आलोच्य तिमाही के दौरान कंपनी के कर्मचारियों की संख्या 42 प्रतिशत बढ़कर 35,587 पर पहुंच गयी।

गौरतलब है कि हाल में टेकक्रंच की एक रिपोर्ट में दावा किया गया था कि फेसबुक युवाओं को पैसे देकर उनके फोन में वीपीएन इंस्टॉल करवा रही है और गौर करने वाली बात यह है कि फेसबुक लोगों के फोन में जिस सॉफ्टवेयर को इंस्टॉल करवा रही है वह यूजर्स की जासूसी करने वाला सॉफ्टवेयर है।

रिपोर्ट में दावा किया गया है कि फेसबुक यह काम साल 2016 से ही कर रही है। रिपोर्ट की मानें तो कंपनी इसके लिए 13 से 35 साल के युवाओं का इस्तेमाल कर रही है और उनके फोन में फेसबुक रिसर्च नाम का वीपीएन (वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क) डाउनलोड करवा रही है। 

विवादों में फंसने के बाद भी सोशल मीडिया वेबसाइट फेसबुक के उपयोक्ताओं की संख्या में वृद्धि हुई है। इसके दम पर फेसुबक का मुनाफा दिसंबर तिमाही में 61 प्रतिशत बढ़कर 6.9 अरब डॉलर पर पहुंच गया। कंपनी ने बुधवार को इसकी जानकारी दी।

कंपनी ने कहा की वर्ष की चौथी तिमाही में उसका राजस्व सालाना आधार पर 30 प्रतिशत बढ़कर 16.90 अरब डॉलर पर पहुंच गया। इस दौरान कंपनी के उपयोक्ताओं की संख्या नौ प्रतिशत बढ़कर 2.32 अरब पर पहुंच गयी। कंपनी के मुख्य कार्यकारी मार्क जुकरबर्ग ने परिणाम पर कहा, ‘‘हमारे समुदाय और कारोबार की वृद्धि जारी है।’’ 

कंपनी का शेयर परिणाम जारी होने के बाद 7.70 प्रतिशत उछल गया और 161.99 डॉलर पर पहुंच गया। आलोच्य तिमाही के दौरान कंपनी के कर्मचारियों की संख्या 42 प्रतिशत बढ़कर 35,587 पर पहुंच गयी।

गौरतलब है कि हाल में टेकक्रंच की एक रिपोर्ट में दावा किया गया था कि फेसबुक युवाओं को पैसे देकर उनके फोन में वीपीएन इंस्टॉल करवा रही है और गौर करने वाली बात यह है कि फेसबुक लोगों के फोन में जिस सॉफ्टवेयर को इंस्टॉल करवा रही है वह यूजर्स की जासूसी करने वाला सॉफ्टवेयर है।

रिपोर्ट में दावा किया गया है कि फेसबुक यह काम साल 2016 से ही कर रही है। रिपोर्ट की मानें तो कंपनी इसके लिए 13 से 35 साल के युवाओं का इस्तेमाल कर रही है और उनके फोन में फेसबुक रिसर्च नाम का वीपीएन (वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क) डाउनलोड करवा रही है। 

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