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असम की भाजपा सरकार की बड़ी चूक, विधानसभा में पेश किए अलग-अलग आंकड़े

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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Mon, 04 Feb 2019 11:50 PM IST

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असम की भाजपा सरकार को उस वक्त असहज स्थिति का सामना करना पड़ा जब राज्य विधानसभा में एक सवाल के जवाब में मंत्री ने अवैध विदेशियों की संख्या के दो अलग-अलग आंकड़े पेश कर दिए। प्रश्नकाल के बाद भाजपा विधायक नुमाल मोमिन ने इस मुद्दे की तरफ ध्यान दिलाया और स्पीकर से अनुरोध किया कि वह ‘‘लापरवाह अधिकारियों’’ के खिलाफ सख्त कार्रवाई करें। 

एक सवाल का जवाब देते हुए असम के संसदीय कार्य मंत्री चंद्र मोहन पटवारी ने कहा कि 1985 से अगस्त 2018 तक कुल 1,03,764 लोगों को अवैध विदेशी घोषित किया गया है। सत्ताधारी पार्टी के विधायक बिनंदा कुमार सैकिया ने यह प्रश्न पूछा था और प्रश्न काल के दौरान इसका जवाब दिया गया।

मोमिन द्वारा पूछे गए एक अलग सवाल के जवाब में पटवारी ने कुछ और ही आंकड़ा बताते हुए कहा कि 1985 से अगस्त 2018 तक 94,425 लोगों को अवैध विदेशी घोषित किया गया। दोनों मामलों में पटवारी मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल की तरफ से जवाब दे रहे थे, क्योंकि गृह एवं असम समझौता क्रियान्वयन विभाग का प्रभार सोनोवाल के पास ही है। 

सरकार के इस चूक पर स्पीकर हितेंद्र नाथ गोस्वामी ने सदन को आश्वस्त किया कि वह मामले को देखेंगे। मोमिन के सवाल के जवाब में पटवारी ने कहा कि अब तक सिर्फ 29,829 अवैध विदेशियों को वापस भेजा गया या उनके मूल देश में वापस भेज दिया गया।

उन्होंने कहा कि इन अवैध विदेशियों का पता विदेशी न्यायाधिकरण द्वारा लगाया जाता है और वह ही उन्हें यह घोषित करता है। उन्होंने कहा कि राज्य में भाजपा की सरकार बनने के बाद इन न्यायाधिकरणों की संख्या 36 से बढ़कर 100 हो गई है। ‘डी’ (संदेहास्पद) वोटरों के बारे में पटवारी ने कहा कि 1997 की मतदाता सूची में इनकी संख्या 2,02,092 थी। 

उन्होंने कहा कि 15 सितंबर 2018 को प्रकाशित मतदाता सूची के मसौदे में ‘डी’ वोटरों की संख्या 1,19,559 है। मंत्री ने कहा कि राज्य में अवैध विदेशियों का पता लगाने के लिए विभिन्न उपाय किए जा रहे हैं। 
(इनपुट-भाषा)

असम की भाजपा सरकार को उस वक्त असहज स्थिति का सामना करना पड़ा जब राज्य विधानसभा में एक सवाल के जवाब में मंत्री ने अवैध विदेशियों की संख्या के दो अलग-अलग आंकड़े पेश कर दिए। प्रश्नकाल के बाद भाजपा विधायक नुमाल मोमिन ने इस मुद्दे की तरफ ध्यान दिलाया और स्पीकर से अनुरोध किया कि वह ‘‘लापरवाह अधिकारियों’’ के खिलाफ सख्त कार्रवाई करें। 

एक सवाल का जवाब देते हुए असम के संसदीय कार्य मंत्री चंद्र मोहन पटवारी ने कहा कि 1985 से अगस्त 2018 तक कुल 1,03,764 लोगों को अवैध विदेशी घोषित किया गया है। सत्ताधारी पार्टी के विधायक बिनंदा कुमार सैकिया ने यह प्रश्न पूछा था और प्रश्न काल के दौरान इसका जवाब दिया गया।

मोमिन द्वारा पूछे गए एक अलग सवाल के जवाब में पटवारी ने कुछ और ही आंकड़ा बताते हुए कहा कि 1985 से अगस्त 2018 तक 94,425 लोगों को अवैध विदेशी घोषित किया गया। दोनों मामलों में पटवारी मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल की तरफ से जवाब दे रहे थे, क्योंकि गृह एवं असम समझौता क्रियान्वयन विभाग का प्रभार सोनोवाल के पास ही है। 

सरकार के इस चूक पर स्पीकर हितेंद्र नाथ गोस्वामी ने सदन को आश्वस्त किया कि वह मामले को देखेंगे। मोमिन के सवाल के जवाब में पटवारी ने कहा कि अब तक सिर्फ 29,829 अवैध विदेशियों को वापस भेजा गया या उनके मूल देश में वापस भेज दिया गया।

उन्होंने कहा कि इन अवैध विदेशियों का पता विदेशी न्यायाधिकरण द्वारा लगाया जाता है और वह ही उन्हें यह घोषित करता है। उन्होंने कहा कि राज्य में भाजपा की सरकार बनने के बाद इन न्यायाधिकरणों की संख्या 36 से बढ़कर 100 हो गई है। ‘डी’ (संदेहास्पद) वोटरों के बारे में पटवारी ने कहा कि 1997 की मतदाता सूची में इनकी संख्या 2,02,092 थी। 

उन्होंने कहा कि 15 सितंबर 2018 को प्रकाशित मतदाता सूची के मसौदे में ‘डी’ वोटरों की संख्या 1,19,559 है। मंत्री ने कहा कि राज्य में अवैध विदेशियों का पता लगाने के लिए विभिन्न उपाय किए जा रहे हैं। 
(इनपुट-भाषा)

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