The news is by your side.

फ्लिपकार्ट से किनारा कर सकती है वॉलमार्ट, कमाई पर पड़ा 50 फीसदी असर

0

ख़बर सुनें

बहुराष्ट्रीय कंपनी वॉलमार्ट भारत में एफडीआई कानून के लागू होने के बाद जल्द ही फ्लिपकार्ट से किनारा कर सकती है। रिसर्च कंपनी मॉर्गन स्टेनली ने आकलन किया है कि इस बारे में वॉलमार्ट जल्द एलान कर सकती है। 

सरकार ने लगाई रोक

केंद्र सरकार ने 1 फरवरी से लागू हुए नए कानून के जरिए इन कंपनियों को स्टॉक पर नियंत्रण रखने और सामान बेचने वाले वेंडर्स को साझेदार मनाने से मना कर दिया था। अब इन कंपनियों के स्टॉक में 25 फीसदी की गिरावट देखने को मिली है। 

सप्लाई चेन पर पड़ेगा असर

नए नियमों के लागू होने से फ्लिपकार्ट और अमेजन के सप्लाई चेन के साथ-साथ एक्सक्लूसिव डील पर भी असर पड़ा है। इन दोनों कंपनियों को इस तरह से 50 फीसदी की आमदनी होती थी। फ्लिपकार्ट की ज्यादातर सेल मोबाइल और इलेक्ट्रोनिक उत्पादों के जरिए होती थी। 

गायब हो गए थे 4 लाख से अधिक प्रोडक्ट

नई ई-कॉमर्स पॉलिसी के लागू होने के दूसरे दिन ही दोनों प्रमुख ऑनलाइन सामान बेचने वाली कंपनियों पर 4 लाख से अधिक प्रोडक्ट गायब हो गए थे। अमेजन पर इस फैसले की सबसे ज्यादा मार पड़ी है, जिससे ग्राहकों को परेशानी उठानी पड़ रही थी। ग्राहक सोशल मीडिया पर कंपनी के खिलाफ गुस्सा भी जाहिर कर रहे थे।

अमेजन पर सबसे बड़े वेंडर क्लाउडटेल इंडिया, जो कि भारत में उसका साझेदार भी है और अमेजन पैंट्री पर सामान पूरी तरह से गायब हो गए थे। कंपनी की वेबसाइट पर कई उत्पाद जैसे कि घर का राशन, बच्चों के डायपर, आईफोन आदि की बिक्री के लिए मौजूद नहीं थे। यह सामान ऐप पर भी नहीं मिल रहे थे। फ्लिपकार्ट पर भी यही हाल देखने को मिल रहा थे। 

नहीं हो सकेगी एक्सक्लूसिव बिक्री

अमेजन व फ्लिपकार्ट आदि पर अब किसी भी उत्पाद की एक्सक्लूसिव बिक्री नहीं हो सकेगी। खुदरा व्यापारियों का बिजनेस लगभग ठप होने की स्थिति आ गई थी। बिक्री ऑनलाइन बढ़ने और खुदरा बाजार का नुकसान होने की संभावना लगातार बढ़ रही थी।

कंपनियां लगाती थी सेल

दरअसल, कंपनियां बाजार में अच्छी कंपनियों के आने वाले प्रमुख उत्पाद की एक्सक्लूसिव सेल लगाती थीं। इससे एक तरफ उत्पाद निर्माता कंपनी का मुफ्त में प्रचार हो जाता था, तो वहीं ट्रांसपोर्टेशन और अन्य कीमत न होने से ऑन-लाइन कंपनी को उत्पाद का मूल्य कम पड़ता था।

इससे वे बहुत कम मार्जिन पर सामानों की बिक्री करती थीं। इससे उत्पाद निर्माता कंपनी और ऑनलाइन मार्केटिंग करने वाली कंपनी दोनों को अच्छा लाभ हो रहा था। इस वर्ग में खासकर इलेक्ट्रॉनिक सामान बेचे जा रहे थे।

बहुराष्ट्रीय कंपनी वॉलमार्ट भारत में एफडीआई कानून के लागू होने के बाद जल्द ही फ्लिपकार्ट से किनारा कर सकती है। रिसर्च कंपनी मॉर्गन स्टेनली ने आकलन किया है कि इस बारे में वॉलमार्ट जल्द एलान कर सकती है। 

सरकार ने लगाई रोक

केंद्र सरकार ने 1 फरवरी से लागू हुए नए कानून के जरिए इन कंपनियों को स्टॉक पर नियंत्रण रखने और सामान बेचने वाले वेंडर्स को साझेदार मनाने से मना कर दिया था। अब इन कंपनियों के स्टॉक में 25 फीसदी की गिरावट देखने को मिली है। 

सप्लाई चेन पर पड़ेगा असर

नए नियमों के लागू होने से फ्लिपकार्ट और अमेजन के सप्लाई चेन के साथ-साथ एक्सक्लूसिव डील पर भी असर पड़ा है। इन दोनों कंपनियों को इस तरह से 50 फीसदी की आमदनी होती थी। फ्लिपकार्ट की ज्यादातर सेल मोबाइल और इलेक्ट्रोनिक उत्पादों के जरिए होती थी।