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ईसाई-मुस्लिम धर्मगुरुओं ने की आस्था की आजादी की अपील, पोप ने कहा- ऊपर वाले के नाम पर हिंसा उचित नहीं

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ईसाई धर्मगुरु पोप फ्रांसिस अरब प्रायद्वीप के अपने पहले एतिहासिक दौरे पर हैं। पोप का न सिर्फ मुस्लिम नेताओं ने जबरदस्त स्वागत किया बल्कि अल-अजहर मस्जिद के ग्रांड इमाम शेख अहमद अल-तैयब ने उनके साथ संयुक्त घोषणा पत्र पर दस्तखत भी किए। दोनों धर्मगुरुओं ने किसी भी मजहब में आस्था रखने की आजादी के लिए संयुक्त अपील भी की।

पोप मुस्लिम बहुल खाड़ी देश में पहली बार यहां रहने वाले 1,35,000 कैथोलिक समुदाय के लोगों को संबोधित करने वाले हैं। अबू धाबी के काहिरा में सुन्नी इस्लाम के प्रतिष्ठित मदरसे अल-अजहर के इमामम से पोप के विशेष वार्ता भी की और विश्व शांति तथा एक साथ रहने के मानवीय भाईचारे को बढ़ावा देने के लिए एक दस्तावेज पर हस्ताक्षर किए। वेटिकन सिटी ने इसे ईसाईयों और मुस्लिमों के बीच वार्ता की दिशा में एक अहम कदम बताया। दोनों धर्मगुरुओं ने आस्था की आजादी, सहिष्णुता की संस्कृति के प्रचार, पूजा स्थलों के संरक्षण और अल्पसंख्यकों को पूर्ण नागरिक अधिकार देने की अपील भी की।

जिस समय घोषणा पत्र साइन हो रहा था उस समय ईसाई, इस्लाम, यहूदी और दूसरे धर्मों को मानने वाले लोग भी मौजूद थे। शेख अहमद सुन्नी इस्लाम के एक प्रतिष्ठित पद पर हैं। दोनों धार्मिक नेता हाथों में हाथ डाले जब जनता के बीच आए तो लोगों ने तालियों के साथ उनका स्वागत किया।

यूएई के अपने ऐतिहासिक दौरे पर पोप फ्रांसिस ने ऊपर वाले के नाम पर फैलाई जा रही ‘घृणा और नफरत’ को गलत ठहराया है। उन्होंने कहा कि हिंसा के सभी रूपों की बेहिचक निंदा की जानी चाहिए, क्योंकि धर्म के नाम पर किसी भी हिंसा को उचित नहीं ठहराया जा सकता। इस यात्रा के साथ पोप फ्रांसिस संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) का दौरा करने वाले दुनिया के 1.3 अरब कैथोलिकों के पहले नेता हैं। सोमवार को शेख मोहम्मद ने कहा कि यूएई के शासक ‘सहिष्णुता से भरे हमारे देश’ में पोप से मिलकर खुश हैं।

ईसाई धर्मगुरु पोप फ्रांसिस अरब प्रायद्वीप के अपने पहले एतिहासिक दौरे पर हैं। पोप का न सिर्फ मुस्लिम नेताओं ने जबरदस्त स्वागत किया बल्कि अल-अजहर मस्जिद के ग्रांड इमाम शेख अहमद अल-तैयब ने उनके साथ संयुक्त घोषणा पत्र पर दस्तखत भी किए। दोनों धर्मगुरुओं ने किसी भी मजहब में आस्था रखने की आजादी के लिए संयुक्त अपील भी की।

पोप मुस्लिम बहुल खाड़ी देश में पहली बार यहां रहने वाले 1,35,000 कैथोलिक समुदाय के लोगों को संबोधित करने वाले हैं। अबू धाबी के काहिरा में सुन्नी इस्लाम के प्रतिष्ठित मदरसे अल-अजहर के इमामम से पोप के विशेष वार्ता भी की और विश्व शांति तथा एक साथ रहने के मानवीय भाईचारे को बढ़ावा देने के लिए एक दस्तावेज पर हस्ताक्षर किए। वेटिकन सिटी ने इसे ईसाईयों और मुस्लिमों के बीच वार्ता की दिशा में एक अहम कदम बताया। दोनों धर्मगुरुओं ने आस्था की आजादी, सहिष्णुता की संस्कृति के प्रचार, पूजा स्थलों के संरक्षण और अल्पसंख्यकों को पूर्ण नागरिक अधिकार देने की अपील भी की।

जिस समय घोषणा पत्र साइन हो रहा था उस समय ईसाई, इस्लाम, यहूदी और दूसरे धर्मों को मानने वाले लोग भी मौजूद थे। शेख अहमद सुन्नी इस्लाम के एक प्रतिष्ठित पद पर हैं। दोनों धार्मिक नेता हाथों में हाथ डाले जब जनता के बीच आए तो लोगों ने तालियों के साथ उनका स्वागत किया।


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हिंसा के सभी रूपों की हो बेहिचक निंदा : पोप

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