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Microsoft को पछाड़ Apple फिर से बनी सबसे बड़ी कंपनी, 58 लाख करोड़ के पार मार्केट कैप

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आईफोन, मैक जैसे उत्पाद बनाने वाली कंपनी एप्पल दो महीने बाद फिर से विश्व की सबसे बड़ी कंपनी बन गई है। उसने अमेजन और माइक्रोसॉफ्ट जैसी कंपनियों को भी पीछे छोड़ दिया है। 

58 लाख करोड़ के पार मार्केट कैप

एप्पल का मार्केट कैप 58.29 लाख करोड़ रुपये (82,100 करोड़ डॉलर) हो गया। माइक्रोसॉफ्ट का मार्केट कैप 58.14 लाख करोड़ रुपये (81,900 करोड़ डॉलर) है। 57.93 लाख करोड़ रुपये (81,600 करोड़ डॉलर) के साथ अमेजन तीसरे नंबर पर है।

अगस्त में किया था एक ट्रिलियन डॉलर पार

2 अगस्त 2018 को एप्पल दुनिया की पहली एक लाख करोड़ डॉलर (लगभग 68,620 अरब रुपये) की कंपनी बन गई थी। एप्पल के सह संस्थापक स्टीव जॉब्स ने 1976 में एक गैराज से इसकी शुरुआत की थी। 2011 में उनके निधन के बाद से टिम कुक कंपनी के मुखिया हैं। कंपनी की स्टॉक मार्केट वैल्यू, एक्सॉन मोबिल, प्रॉक्टर एंड गैंबल और एटीएंडटी की संयुक्त पूंजी से भी ज्यादा है।

अमेजन ने था पछाड़ा 

अमेरिका की दिग्गज ऑनलाइन शॉपिंग कंपनी अमेजन ने 4 सितंबर 2018 को शेयर बाजार में ट्रिलियन डॉलर यानी एक खरब डॉलर कीमत का आंकड़ा छूने वाली दुनिया की महज दूसरी कंपनी बन गई थी। सिलिकॉन वैली की एप्पल ने महज एक महीने पहले ही ये कारनामा करने वाली दुनिया की पहली कंपनी होने का गौरव हासिल किया था।  

 सिएटल स्थित अमेजन को उसके मालिक जैफ बेजॉस ने शुरुआत में किताबें बेचने वाली कंपनी के तौर पर शुरू किया था। बेजॉस आज की तारीख में अमेरिका के एक नामचीन समाचार पत्र द वॉशिंगटन पोस्ट के मालिक भी हैं। 

हालिया सालों में पूरी दुनिया में कई करोड़ उपभोक्ताओं को ऑनलाइन शॉपिंग की तरफ आकर्षित करने वाली अमेजन भारत में भी एक बड़े एफडीआई निवेशक के तौर पर उभरी है। अकेले इस साल अमेजन के शेयरों ने स्टॉक मार्केट में करीब 75 फीसदी की उछाल हासिल की और कंपनी के बाजारी पूंजीकरण में करीब 435 अरब डॉलर का इजाफा किया। 

यह कंपनी हो सकती है आगे 

2019 में साऊदी अरब की तेल कंपनी अर्माको अपना आईपीओ लाने पर विचार कर रही है। अगर अर्माको अपना आईपीओ लाती है और वो अमेरिकी शेयर बाजार में सूचीबद्ध होती है तो फिर इसका मार्केट कैप एप्पल से काफी आगे चला जाएगा।  

खरीद सकता है विश्व के 89 देश 

जितना एप्पल की आज मार्केट कैप है, उससे वो विश्व के 89 देश खरीद सकता है। नवंबर में एप्पल को पीछे छोड़ माइक्रोसॉफ्ट सबसे ज्यादा वैल्यू वाली कंपनी बन गई थी। 16 साल बाद ऐसा हुआ था। लेकिन, जनवरी में अमेजन ने माइक्रोसॉफ्ट को पीछे छोड़ दिया था। पिछले दिनों माइक्रोसॉफ्ट फिर से नंबर-1 हो गई थी।

आईफोन, मैक जैसे उत्पाद बनाने वाली कंपनी एप्पल दो महीने बाद फिर से विश्व की सबसे बड़ी कंपनी बन गई है। उसने अमेजन और माइक्रोसॉफ्ट जैसी कंपनियों को भी पीछे छोड़ दिया है। 

58 लाख करोड़ के पार मार्केट कैप

एप्पल का मार्केट कैप 58.29 लाख करोड़ रुपये (82,100 करोड़ डॉलर) हो गया। माइक्रोसॉफ्ट का मार्केट कैप 58.14 लाख करोड़ रुपये (81,900 करोड़ डॉलर) है। 57.93 लाख करोड़ रुपये (81,600 करोड़ डॉलर) के साथ अमेजन तीसरे नंबर पर है।

अगस्त में किया था एक ट्रिलियन डॉलर पार

2 अगस्त 2018 को एप्पल दुनिया की पहली एक लाख करोड़ डॉलर (लगभग 68,620 अरब रुपये) की कंपनी बन गई थी। एप्पल के सह संस्थापक स्टीव जॉब्स ने 1976 में एक गैराज से इसकी शुरुआत की थी। 2011 में उनके निधन के बाद से टिम कुक कंपनी के मुखिया हैं। कंपनी की स्टॉक मार्केट वैल्यू, एक्सॉन मोबिल, प्रॉक्टर एंड गैंबल और एटीएंडटी की संयुक्त पूंजी से भी ज्यादा है।

अमेजन ने था पछाड़ा 

अमेरिका की दिग्गज ऑनलाइन शॉपिंग कंपनी अमेजन ने 4 सितंबर 2018 को शेयर बाजार में ट्रिलियन डॉलर यानी एक खरब डॉलर कीमत का आंकड़ा छूने वाली दुनिया की महज दूसरी कंपनी बन गई थी। सिलिकॉन वैली की एप्पल ने महज एक महीने पहले ही ये कारनामा करने वाली दुनिया की पहली कंपनी होने का गौरव हासिल किया था।  

 सिएटल स्थित अमेजन को उसके मालिक जैफ बेजॉस ने शुरुआत में किताबें बेचने वाली कंपनी के तौर पर शुरू किया था। बेजॉस आज की तारीख में अमेरिका के एक नामचीन समाचार पत्र द वॉशिंगटन पोस्ट के मालिक भी हैं। 

हालिया सालों में पूरी दुनिया में कई करोड़ उपभोक्ताओं को ऑनलाइन शॉपिंग की तरफ आकर्षित करने वाली अमेजन भारत में भी एक बड़े एफडीआई निवेशक के तौर पर उभरी है। अकेले इस साल अमेजन के शेयरों ने स्टॉक मार्केट में करीब 75 फीसदी की उछाल हासिल की और कंपनी के बाजारी पूंजीकरण में करीब 435 अरब डॉलर का इजाफा किया।