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भारत का सबसे खूबसूरत Lambretta Scooter, जिसे तैयार करने में लगे 14 महीने

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स्कूटर हमेशा से दुनिया भर में मोटर वाहन बाजार का एक हिस्सा रहे हैं। 1950 द्वितीय विश्व युद्ध के दशक के दौरान एक समय था जब ऑटोमोटिव बाजार फलफूल रहे थे। ऐसा ही कुछ ऑटोमोटिव दिग्गजों के केंद्र इटली में हो रहा था। उस समय Lambretta और Vespa इटली के स्कूटर बाजार में नंबर एक के लिए लड़ रहे थे। सन् 1958 में Lambretta ने नई पारी की शुरूआत की, जिसने दुनिया भर में काफी लोकप्रियता हासिल की। अब Lambretta को बंद हुए तो सालो बीत चुके हैं, लेकिन आज भारत में एक कलेक्टर के गैरेज में एक ऐसा Lambretta तैनात है जिसकी खूबसूरती देखे नहीं बनती। 

यह स्कूटर देवाशीष जेठवानी के पास है जो विंटेज वाहनों को संग्रह करने में माहिर हैं। इनके पास 17 कारें, 44 मोटरसाइकिल और 13 स्कूटर हैं। इन 13 स्कूटरों में से 7 Lambretta स्कूटर हैं, जो देवाशीष का इस ब्रांड के प्रति सच्चा प्यार दिखाता है। जेठवानी के अनुसार यह स्कूटर 1960 का मॉडल है, जिसे सीधे इटली से भारत में आयात किया गया था। स्कूटर को पूरी तरह तैयार करने में 14 महीने लग गए। स्कूटर पर किया गया पेंट विशेष रूप से थाईलैंड से ऑर्डर किया गया था, जिसकी कीमत 35,000 रुपए थी। 

बता दें,क्लासिक इटैलियन ब्रांड लैंब्रेटा (Lambretta) भारत में दौबारा वापसी की तैयारी कर रहा है। कंपनी इसके प्रोटोटाइप को 2020 में होने वाले ऑटो एक्सपो में लॉन्च करेगी। खबरें है कि इलेक्ट्रिक स्कूटर के अलावा Lambretta भारतीय बाजार के लिए विशेष स्टील बॉडी सुपर लैंब्रेटा भी उतारेगी। यह स्कूटर 400 सीसी में होगा। पहली बार लैंब्रेटा स्कूटर का इटली के मिलान में बनाया गया लेकिन बजाज और वेस्पा के आने के बाद आर्थिक संकटों के चलते इनोसेंटी ने लैंब्रेटा का प्रोडक्शन बंद कर दिया, और बाद में इसे लेलैंड मोटर्स ने खरीद लिया था और भारत में बेचना शुरू किया।

स्कूटर हमेशा से दुनिया भर में मोटर वाहन बाजार का एक हिस्सा रहे हैं। 1950 द्वितीय विश्व युद्ध के दशक के दौरान एक समय था जब ऑटोमोटिव बाजार फलफूल रहे थे। ऐसा ही कुछ ऑटोमोटिव दिग्गजों के केंद्र इटली में हो रहा था। उस समय Lambretta और Vespa इटली के स्कूटर बाजार में नंबर एक के लिए लड़ रहे थे। सन् 1958 में Lambretta ने नई पारी की शुरूआत की, जिसने दुनिया भर में काफी लोकप्रियता हासिल की। अब Lambretta को बंद हुए तो सालो बीत चुके हैं, लेकिन आज भारत में एक कलेक्टर के गैरेज में एक ऐसा Lambretta तैनात है जिसकी खूबसूरती देखे नहीं बनती। 

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