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नेपाल में भारत की मदद से बन रहे हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट के पास तीन धमाके

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नेपाल में एक अज्ञात समूह ने भारत की मदद से तैयार की जा रही अरुण-3 जलविद्युत परियोजना के निकट सिलसिलेवार तीन आईईडी धमाके किए। हिमालयन टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, बृहस्पतिवार रात को परियोजना के बिजलीघर के निकट यह धमाके किए गए, जिसमें जनरेटर और सुरंग से पानी निकालने वाला बूमर क्षतिग्रस्त हो गया। 

धमाके के बाद परियोजना के पास सुरक्षा बढ़ा दी गई है। फिलहाल धमाके में किसी व्यक्ति के मारे जाने की खबर नहीं है। संखुवासवा जिले में निर्माणाधीन अरुण-3 नेपाल का सबसे बड़ा हाइड्रोपॉवर प्लांट है, जिसके अगले पांच वर्षों में पूरा होने की उम्मीद है। इसका का कार्यालय काठमांडू से 500 किलोमीटर दूर खांडबरी-9 तुमलिंगटर में है।   

पुलिस अधिकारी रमेश्वर पंडित ने बताया कि चिचिला ग्रामीण के पुखुवा स्थित प्रोजेक्ट पर कुल तीन धमाके हुए हैं। हम इसमें शामिल संगठन का पता लगा रहे हैं। निर्माणाधीन साइट पर करीब 2400 लोग काम कर रहे हैं, जिनमें से 1700 टेक्नीशियन और श्रमिक नेपाली हैं। 

धमाके बाद नेपाल सेना और पुलिस के जवान घटनास्थल पर जुटे हैं। हालांकि धमाकों में किसी के भी हताहत होने की खबर नहीं है। मुख्य जिलाधिकारी गणेश बहादुर अधिकारी और जिले के पुलिस उपाधीक्षक श्याम सरू मागर भी घटनास्थल पर रवाना हो गए हैं।  

बीते साल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने 900 मेगावाट पावर प्लांट का शिलान्यास किया था। भारतीय कंपनी सतलुज जल विद्युत निगम (एसजेवीएन) इस परियोजना के निर्माणकार्य से जुड़ी हुई है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, इस प्रोजेक्ट से जरिये नेपाल में 1.5 अरब डॉलर का विदेशी प्रत्यक्ष निवेश आने की उम्मीद है और इससे नेपाल के हजारों लोगों को रोजगार मिलेगा। 

पिछले साल भी हुआ था धमाका 

प्रोजेक्ट पर पिछले साल भी आईईडी धमाका किया गया था। तब यहां परियोजना के कार्यालय की चाहरदीवारी नष्ट हो गई थी। हालांकि तब भी किसी संगठन ने इसकी जिम्मेदारी नहीं ली थी। 

खास बातें

  • प्रोजेक्ट पूरा होने के बाद पैदा होगी 4,018 मिलियन यूनिट बिजली
  • 30 साल तक प्रोजेक्ट का संचालन भारतीय कंपनी एसजेवीएन करेगी 
  • इस दौरान नेपाल को प्लांट से 21.9 फीसदी मुफ्त बिजली मिलेगी 
नेपाल में एक अज्ञात समूह ने भारत की मदद से तैयार की जा रही अरुण-3 जलविद्युत परियोजना के निकट सिलसिलेवार तीन आईईडी धमाके किए। हिमालयन टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, बृहस्पतिवार रात को परियोजना के बिजलीघर के निकट यह धमाके किए गए, जिसमें जनरेटर और सुरंग से पानी निकालने वाला बूमर क्षतिग्रस्त हो गया। 

धमाके के बाद परियोजना के पास सुरक्षा बढ़ा दी गई है। फिलहाल धमाके में किसी व्यक्ति के मारे जाने की खबर नहीं है। संखुवासवा जिले में निर्माणाधीन अरुण-3 नेपाल का सबसे बड़ा हाइड्रोपॉवर प्लांट है, जिसके अगले पांच वर्षों में पूरा होने की उम्मीद है। इसका का कार्यालय काठमांडू से 500 किलोमीटर दूर खांडबरी-9 तुमलिंगटर में है।   

पुलिस अधिकारी रमेश्वर पंडित ने बताया कि चिचिला ग्रामीण के पुखुवा स्थित प्रोजेक्ट पर कुल तीन धमाके हुए हैं। हम इसमें शामिल संगठन का पता लगा रहे हैं। निर्माणाधीन साइट पर करीब 2400 लोग काम कर रहे हैं, जिनमें से 1700 टेक्नीशियन और श्रमिक नेपाली हैं। 

धमाके बाद नेपाल सेना और पुलिस के जवान घटनास्थल पर जुटे हैं। हालांकि धमाकों में किसी के भी हताहत होने की खबर नहीं है। मुख्य जिलाधिकारी गणेश बहादुर अधिकारी और जिले के पुलिस उपाधीक्षक श्याम सरू मागर भी घटनास्थल पर रवाना हो गए हैं।  


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मोदी और ओली ने किया था शिलान्यास 

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