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आरबीआई फिर घटा सकता है मुख्य दरें, अप्रैल में कम हो सकते हैं 25 आधार अंक

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चालू वर्ष की जनवरी में खुदरा महंगाई 19 महीनों के निचले स्तर 2.05 फीसदी पहुंचने से आरबीआई रेपो रेट में 25 और आधार अंकों की कटौती कर सकता है। एक रिपोर्ट के अनुसार अनुमान है कि आरबीआई अपनी अप्रैल नीति में रेपो रेट 0.25 फीसदी घटाकर 6 फीसदी कर सकता है। दिसंबर, 2018 में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) आधारित खुदरा महंगाई 2.19 फीसदी के अनुमान से घटकर 2.11 फीसदी पर रही। वहीं, जनवरी 2018 में खुदरा महंगाई दर 5.07 फीसदी पर रही थी। महंगाई घटने के कारण दरों में एक बार फिर से कटौती हो सकती है।

कोटक सिक्योरिटीज ने बुधवार को कहा कि जनवरी में खुदरा महंगाई 2.05 फीसदी रहने से हमें उम्मीद है कि मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) अप्रैल में रेपो रेट में 25 आधार अंकों की कटौती कर उसे 6 फीसदी करेगी। सातवीं मौद्रिक नीति की घोषणा करने के लिए एमपीसी दो अप्रैल से चार अप्रैल को बैठक करेगी। फरवरी में घोषित की गई छठी द्वैमासिक मौद्रिक नीति समीक्षा में आरबीआई ने 25 आधार अंकों की कटौती कर रेपो रेट को 6.25 फीसदी कर दिया था।

पिछले 18 महीनों में यह आरबीआई द्वारा की गई पहली कटौती है। इसके साथ ही केंद्रीय बैंक ने नीति की स्थिति भी स्थिर रखी है, जो पहले कसी हुई थी। साथ ही मौद्रिक प्राधिकार ने अगले वर्ष के लिए भी अपना महंगाई अनुमान घटाया है। उसके अनुसार मार्च तिमाही में महंगाई 2.8 फीसदी, अगले वित्त वर्ष की पहली छमाही में 3.2 से 3.4 फीसदी और वित्त वर्ष 2020 की तीसरी तिमाही में 3.9 फीसदी रहने का अनुमान लगाया है।

चालू वर्ष की जनवरी में खुदरा महंगाई 19 महीनों के निचले स्तर 2.05 फीसदी पहुंचने से आरबीआई रेपो रेट में 25 और आधार अंकों की कटौती कर सकता है। एक रिपोर्ट के अनुसार अनुमान है कि आरबीआई अपनी अप्रैल नीति में रेपो रेट 0.25 फीसदी घटाकर 6 फीसदी कर सकता है। दिसंबर, 2018 में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) आधारित खुदरा महंगाई 2.19 फीसदी के अनुमान से घटकर 2.11 फीसदी पर रही। वहीं, जनवरी 2018 में खुदरा महंगाई दर 5.07 फीसदी पर रही थी। महंगाई घटने के कारण दरों में एक बार फिर से कटौती हो सकती है।

कोटक सिक्योरिटीज ने बुधवार को कहा कि जनवरी में खुदरा महंगाई 2.05 फीसदी रहने से हमें उम्मीद है कि मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) अप्रैल में रेपो रेट में 25 आधार अंकों की कटौती कर उसे 6 फीसदी करेगी। सातवीं मौद्रिक नीति की घोषणा करने के लिए एमपीसी दो अप्रैल से चार अप्रैल को बैठक करेगी। फरवरी में घोषित की गई छठी द्वैमासिक मौद्रिक नीति समीक्षा में आरबीआई ने 25 आधार अंकों की कटौती कर रेपो रेट को 6.25 फीसदी कर दिया था।

पिछले 18 महीनों में यह आरबीआई द्वारा की गई पहली कटौती है। इसके साथ ही केंद्रीय बैंक ने नीति की स्थिति भी स्थिर रखी है, जो पहले कसी हुई थी। साथ ही मौद्रिक प्राधिकार ने अगले वर्ष के लिए भी अपना महंगाई अनुमान घटाया है। उसके अनुसार मार्च तिमाही में महंगाई 2.8 फीसदी, अगले वित्त वर्ष की पहली छमाही में 3.2 से 3.4 फीसदी और वित्त वर्ष 2020 की तीसरी तिमाही में 3.9 फीसदी रहने का अनुमान लगाया है।

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