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यौन आरोपी भारतीय को हटाकर गूगल ने दिए 4.5 करोड़ डॉलर

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दुनिया की दिग्गज प्रौद्योगिकी कंपनी गूगल यौन उत्पीड़न मामले में फंसे दो वरिष्ठ कार्यकारी अधिकारियों को हटाने के लिए करोड़ों डॉलर का भुगतान करने को लेकर एक बार फिर चर्चा में है। कंपनी ने पूर्व उपाध्यक्ष अमित सिंघल को एग्जिट पैकेज के तहत इस्तीफा देने के बाद 2016 में 4.5 करोड़ डॉलर की रकम का भुगतान किया जबकि ने ‘फादर ऑफ एंड्रॉयड’ कहे जाने वाले एंडी रूबीन को भी करोड़ों डॉलर की रकम दी गई। उत्तर प्रदेश के झांसी में पैदा हुए अमित सिंघल ने आईआईटी रुड़की से इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल की है।

दोनों ही अधिकारियों को यौन शोषण मामले में घिरने के बाद नौकरी से हटाने के लिए यह रकम दी गई। इस पैकेज के बारे में सार्वजनिक जानकारी उपलब्ध नहीं थी। भारत में जन्मे अमित सिंघल कंपनी में वरिष्ठ उपाध्यक्ष पद पर कार्यरत थे, जिनके पास 2016 तक गूगल के सर्च परिचालन की जिम्मेदारी थी। सिंघल पर गूगल की एक कर्मचारी ने बाहर किसी कार्यक्रम के दौरान उसे पकड़ने का आरोप लगाया था। यह जानकारी गूगल की मातृ कंपनी एल्फाबेट के एक शेयरधारक द्वारा दायर कानूनी वाद के बाद सोमवार को सामने आई। इसी वाद में रकम का खुलासा किया गया है। सिंघल ने इस पर कोई टिप्पणी नहीं की है।

शेयरधारक ने कंपनी के निदेशक मंडल के सदस्यों पर आरोप लगाया कि बोर्ड के सदस्यों ने उत्पीड़न के आरोपी कार्यकारी को कंपनी से बाहर निकालने के बजाय इतनी मात्रा में भुगतान करके अपनी जिम्मेदारी ठीक से नहीं निभाई है। यह वाद जनवरी में कैलिफोर्निया सुपीरियर अदालत में दायर किया गया था। सोमवार को इसका एक संशोधित संस्करण अदालत में दाखिल किया गया। संशोधित वाद के मुताबिक गूगल ने सिंघल को दो साल के लिए हर साल 1.5 करोड़ डॉलर की राशि देने पर सहमति जताई और तीसरे साल में उन्हें 50 लाख डॉलर से 1.5 करोड़ डॉलर की राशि दी जानी थी।
 

उबर में भी अधिक नहीं टिके अमित

अमित सिंघल ने 2016 में गूगल छोड़कर उबर कंपनी में काम करना शुरू कर दिया, लेकिन वह वहां भी ज्यादा दिन नहीं टिक पाए। बता दें कि पिछले साल ‘मीटू’ आंदोलन की लहर चलने के दौरान गूगल के हजारों कर्मचारियों ने अपने सहयोगियों पर यौनाचार के आरोप लगाते हुए कंपनी से त्यागपत्र दे दिए थे। इस पर गूगल की पैतृक कंपनी ‘अल्फाबेट’ ने अपनी साख बचाने के लिए कड़े कदम उठाए।

48 को नौकरी से हटाया, एग्जिट पैकेज नहीं दिया

गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई ने इस मामले में सफाई देते हुए पिछले सेल कहा था कि हमने दो साल में यौन उत्पीड़न मामलों के आरोपी 48 कर्मचारियों को अंदरूनी छानबीन के बाद नौकरी से निकाला है। इनमें 13 वरिष्ठ स्तर के अधिकारी भी शामिल हैं। हालांकि उस वक्त पिचाई ने यह माना था कि यौन उत्पीड़न के आरोपी किसी भी कर्मचारी को एग्जिट पैकेज नहीं दिया गया।

दुनिया की दिग्गज प्रौद्योगिकी कंपनी गूगल यौन उत्पीड़न मामले में फंसे दो वरिष्ठ कार्यकारी अधिकारियों को हटाने के लिए करोड़ों डॉलर का भुगतान करने को लेकर एक बार फिर चर्चा में है। कंपनी ने पूर्व उपाध्यक्ष अमित सिंघल को एग्जिट पैकेज के तहत इस्तीफा देने के बाद 2016 में 4.5 करोड़ डॉलर की रकम का भुगतान किया जबकि ने ‘फादर ऑफ एंड्रॉयड’ कहे जाने वाले एंडी रूबीन को भी करोड़ों डॉलर की रकम दी गई। उत्तर प्रदेश के झांसी में पैदा हुए अमित सिंघल ने आईआईटी रुड़की से इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल की है।

दोनों ही अधिकारियों को यौन शोषण मामले में घिरने के बाद नौकरी से हटाने के लिए यह रकम दी गई। इस पैकेज के बारे में सार्वजनिक जानकारी उपलब्ध नहीं थी। भारत में जन्मे अमित सिंघल कंपनी में वरिष्ठ उपाध्यक्ष पद पर कार्यरत थे, जिनके पास 2016 तक गूगल के सर्च परिचालन की जिम्मेदारी थी। सिंघल पर गूगल की एक कर्मचारी ने बाहर किसी कार्यक्रम के दौरान उसे पकड़ने का आरोप लगाया था। यह जानकारी गूगल की मातृ कंपनी एल्फाबेट के एक शेयरधारक द्वारा दायर कानूनी वाद के बाद सोमवार को सामने आई। इसी वाद में रकम का खुलासा किया गया है। सिंघल ने इस पर कोई टिप्पणी नहीं की है।

शेयरधारक ने कंपनी के निदेशक मंडल के सदस्यों पर आरोप लगाया कि बोर्ड के सदस्यों ने उत्पीड़न के आरोपी कार्यकारी को कंपनी से बाहर निकालने के बजाय इतनी मात्रा में भुगतान करके अपनी जिम्मेदारी ठीक से नहीं निभाई है। यह वाद जनवरी में कैलिफोर्निया सुपीरियर अदालत में दायर किया गया था। सोमवार को इसका एक संशोधित संस्करण अदालत में दाखिल किया गया। संशोधित वाद के मुताबिक गूगल ने सिंघल को दो साल के लिए हर साल 1.5 करोड़ डॉलर की राशि देने पर सहमति जताई और तीसरे साल में उन्हें 50 लाख डॉलर से 1.5 करोड़ डॉलर की राशि दी जानी थी।
 

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