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सरकार से गुहार आईओसी को दिया जाए आश्वासन

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हेमंत रस्तोगी, नई दिल्ली
Updated Wed, 17 Apr 2019 10:56 PM IST

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निशानेबाजी (प्रतिकात्मक)
– फोटो : FILE PHOTO

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अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक परिषद (आईओसी) की ओर से पाकिस्तानी शूटरों और कोसोवो के बॉक्सरों को वीजा नहीं दिए जाने के चलते भारत में अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों पर लगे प्रतिबंध का मामला भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) ने लिखित रूप से सरकार के समक्ष उठाया है।

आईओए अध्यक्ष नरेंदर ध्रुव बत्रा ने खेल मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ को पत्र लिखकर गुहार लगाई है कि सरकार जल्द से जल्द आईओसी को देश में होने वाली अंतरराष्ट्रीय इवेंट में भागीदारी का लिखित में आश्वासन दे। जिससे भारत पर लगा प्रतिबंध हट सके और देश में खेलों के भविष्य पर गहराए संकट के बादल छट सकें। बत्रा ने खेल मंत्री को संबोधित करते यह पत्र गृह, विदेश और वित्त मंत्रालय को भी लिखा है। 

आईओसी चार्टर का दिया हवाला
पत्र में साफ किया गया है कि आईओसी की स्वायत्तता और भेदभाव के मामले में जीरो टॉलरेंस की नीति है। फिर आईओसी और अंतरराष्ट्रीय संघ किसी भी देश में खेल आयोजन पर देश को नहीं बल्कि उसकी ओलंपिक कमेटी और खेल संघ को मान्यता देते हैं। यही कारण है कि खेलों में दो देशों के संबंधों को तरजीह नहीं दी जाती है। बत्रा ने पत्र में लिखा है कि पाक शूटरों को वीजा नहीं दिए जाने के समय देश में बनी स्थिति से वह अच्छी तरह वाकिफ हैं, लेकिन आईओए पूरी तरह से ओलंपिक चार्टर से भी बंधी है।

इस्राइल के अबु धाबी में खेलने का दिया उदाहरण
आईओए ने सरकार को उदाहरण दिए हैं कि संबंध खराब होने के चलते भी उनके खिलाडिय़ों को आमंत्रित किया गया। ब्राजील ने भारत की तरह कोसोवो को मान्यता नहीं दे रखी है, लेकिन रियो ओलंपिक में उसके खिलाडिय़ों को खेलने दिया गया। इसी तरह इस्राइल के जुडोका अबु धाबी में खेले, जहां इस्राइली जुडोका ने स्वर्ण जीता। इस मौके पर खुद इस्राइल के खेल मंत्री वहां पहुंचे। बत्रा ने लिखा कि पाकिस्तान को भारत में होने वाले आयोजनों में वीजा दिया जाता रहा है। हॉकी विश्व कप में पाक टीम खेली और उसके समर्थक बड़ी संख्या में पाकिस्तान से भुवनेश्वर पहुंचे। 

आईओसी ने 21 फरवरी को लगाया था प्रतिबंध
आईओसी ने दिल्ली में हुए शूटिंग विश्व कप में दो पाकिस्तानी शूटरों को वीजा नहीं दिए जाने के चलते 21 फरवरी को भारत पर यह प्रतिबंध लगाया था। आईओसी ने साफ किया था कि जब भारत सरकार उसे लिखित में आश्वासन नहीं देगी उस पर प्रतिबंध लगा रहेगा। दो माह होने वाले हैं लेकिन आम चुनाव के चलते सरकार ने अब तक फैसला नहीं लिया है, जिसके चलते कई अंतरराष्ट्रीय इवेंट देश से छीनी जा चुकी हैं और कई पर तलवार लटकी है।

अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक परिषद (आईओसी) की ओर से पाकिस्तानी शूटरों और कोसोवो के बॉक्सरों को वीजा नहीं दिए जाने के चलते भारत में अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों पर लगे प्रतिबंध का मामला भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) ने लिखित रूप से सरकार के समक्ष उठाया है।

आईओए अध्यक्ष नरेंदर ध्रुव बत्रा ने खेल मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ को पत्र लिखकर गुहार लगाई है कि सरकार जल्द से जल्द आईओसी को देश में होने वाली अंतरराष्ट्रीय इवेंट में भागीदारी का लिखित में आश्वासन दे। जिससे भारत पर लगा प्रतिबंध हट सके और देश में खेलों के भविष्य पर गहराए संकट के बादल छट सकें। बत्रा ने खेल मंत्री को संबोधित करते यह पत्र गृह, विदेश और वित्त मंत्रालय को भी लिखा है। 

आईओसी चार्टर का दिया हवाला
पत्र में साफ किया गया है कि आईओसी की स्वायत्तता और भेदभाव के मामले में जीरो टॉलरेंस की नीति है। फिर आईओसी और अंतरराष्ट्रीय संघ किसी भी देश में खेल आयोजन पर देश को नहीं बल्कि उसकी ओलंपिक कमेटी और खेल संघ को मान्यता देते हैं। यही कारण है कि खेलों में दो देशों के संबंधों को तरजीह नहीं दी जाती है। बत्रा ने पत्र में लिखा है कि पाक शूटरों को वीजा नहीं दिए जाने के समय देश में बनी स्थिति से वह अच्छी तरह वाकिफ हैं, लेकिन आईओए पूरी तरह से ओलंपिक चार्टर से भी बंधी है।

इस्राइल के अबु धाबी में खेलने का दिया उदाहरण
आईओए ने सरकार को उदाहरण दिए हैं कि संबंध खराब होने के चलते भी उनके खिलाडिय़ों को आमंत्रित किया गया। ब्राजील ने भारत की तरह कोसोवो को मान्यता नहीं दे रखी है, लेकिन रियो ओलंपिक में उसके खिलाडिय़ों को खेलने दिया गया। इसी तरह इस्राइल के जुडोका अबु धाबी में खेले, जहां इस्राइली जुडोका ने स्वर्ण जीता। इस मौके पर खुद इस्राइल के खेल मंत्री वहां पहुंचे। बत्रा ने लिखा कि पाकिस्तान को भारत में होने वाले आयोजनों में वीजा दिया जाता रहा है। हॉकी विश्व कप में पाक टीम खेली और उसके समर्थक बड़ी संख्या में पाकिस्तान से भुवनेश्वर पहुंचे। 

आईओसी ने 21 फरवरी को लगाया था प्रतिबंध
आईओसी ने दिल्ली में हुए शूटिंग विश्व कप में दो पाकिस्तानी शूटरों को वीजा नहीं दिए जाने के चलते 21 फरवरी को भारत पर यह प्रतिबंध लगाया था। आईओसी ने साफ किया था कि जब भारत सरकार उसे लिखित में आश्वासन नहीं देगी उस पर प्रतिबंध लगा रहेगा। दो माह होने वाले हैं लेकिन आम चुनाव के चलते सरकार ने अब तक फैसला नहीं लिया है, जिसके चलते कई अंतरराष्ट्रीय इवेंट देश से छीनी जा चुकी हैं और कई पर तलवार लटकी है।

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