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100 वर्षीय डांसर लिंच की सेहत का राज है योग, पद्मश्री से हो चुकी हैं सम्मानित 

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अमेरिका में रहने वाली 100 साल की योग इंस्ट्रक्टर और डांसर पोर्सो लिंच अपनी अच्छी सेहत का राज योग को मानती हैं। जो उन्होंने भारत में ही सीखा है। लिंच मानती हैं कि जिंदादिली और स्वस्थ तरीके से जीवन को आगे बढ़ाते रहना चाहिए। उनके कूल्हे का चार बार प्रत्यारोपण हो चुका है लेकिन फिर भी वह बॉलरूम डांसिंग का शौक रखती हैं।

लिंच का जन्म भारत में ही हुआ था। उनकी अनुकरणीय उपलब्धियों के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें पद्मश्री से सम्मानित किया है। लिंच का कहना है कि जब वह सात साल की थीं, तब उन्होंने भारत में समुद्र तट पर कुछ लड़कों को योग करते हुए देखा था। जिसके बाद उन्होंने भी उन लड़कों की तरह योग करने की ठान ली।

वो कहती हैं कि उनके कुछ नजदीकी रिश्तेदारों ने उनसे ये तक कहा था कि योग के ये स्टेप लड़कों के हैं, लेकिन लिंच ने जवाब में कहा कि अगर लड़के कर सकते हैं तो वो क्यों नहीं। लिंच किशोरावस्था तक आते-आते लोगों को ये बताने लगी थीं कि स्वस्थ तरीके से सांस कैसे ली जाती है। खासतौर पर उन लोगों को जो गलत तरीके से उठते बैठते हैं। 
 
अपना मनोबल बढ़ाने के लिए लिंच रोज सुबह उठकर सूर्य के सामने खड़ी होती हैं और सूर्य की ओर देखते हुए कहती हैं कि आज उनके जीवन का सबसे बेहतरीन दिन आने वाला है। जिससे वाकई में उनका दिन शानदार होता है। लिंच अब 13 अगस्त को 101 साल की होने वाली हैं। 

वह अपने विद्यार्थियों को अपना सबसे बड़ा संबल मानती हैं। अकेला होने पर उनके नए और पुरान विद्यार्थी उनका हौसला बढ़ाते हैं। 

अमेरिका में रहने वाली 100 साल की योग इंस्ट्रक्टर और डांसर पोर्सो लिंच अपनी अच्छी सेहत का राज योग को मानती हैं। जो उन्होंने भारत में ही सीखा है। लिंच मानती हैं कि जिंदादिली और स्वस्थ तरीके से जीवन को आगे बढ़ाते रहना चाहिए। उनके कूल्हे का चार बार प्रत्यारोपण हो चुका है लेकिन फिर भी वह बॉलरूम डांसिंग का शौक रखती हैं।

लिंच का जन्म भारत में ही हुआ था। उनकी अनुकरणीय उपलब्धियों के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें पद्मश्री से सम्मानित किया है। लिंच का कहना है कि जब वह सात साल की थीं, तब उन्होंने भारत में समुद्र तट पर कुछ लड़कों को योग करते हुए देखा था। जिसके बाद उन्होंने भी उन लड़कों की तरह योग करने की ठान ली।

वो कहती हैं कि उनके कुछ नजदीकी रिश्तेदारों ने उनसे ये तक कहा था कि योग के ये स्टेप लड़कों के हैं, लेकिन लिंच ने जवाब में कहा कि अगर लड़के कर सकते हैं तो वो क्यों नहीं। लिंच किशोरावस्था तक आते-आते लोगों को ये बताने लगी थीं कि स्वस्थ तरीके से सांस कैसे ली जाती है। खासतौर पर उन लोगों को जो गलत तरीके से उठते बैठते हैं। 
 
अपना मनोबल बढ़ाने के लिए लिंच रोज सुबह उठकर सूर्य के सामने खड़ी होती हैं और सूर्य की ओर देखते हुए कहती हैं कि आज उनके जीवन का सबसे बेहतरीन दिन आने वाला है। जिससे वाकई में उनका दिन शानदार होता है। लिंच अब 13 अगस्त को 101 साल की होने वाली हैं। 

वह अपने विद्यार्थियों को अपना सबसे बड़ा संबल मानती हैं। अकेला होने पर उनके नए और पुरान विद्यार्थी उनका हौसला बढ़ाते हैं। 

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