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बैंड-बाजा-बरात…पर दुल्हन नहीं, चर्चा का विषय बनी यह शादी

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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अहमदाबाद
Updated Mon, 13 May 2019 12:50 PM IST

Without bride Wedding
– फोटो : ANI

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गुजरात की एक शादी आजकल चर्चा का विषय बनी हुई है। इस शादी में बैंड-बाजा-बरात सब था बस कमी थी तो एक दुल्हन की। अजय बरोट नाम के 27 वर्षीय युवक को लर्निंग डिसअबिलिटी है। वह अपने चचेरे भाई की शादी के बाद चाहता था कि उसकी भी शादी हो। उसकी जिद के आगे और खुशी के लिए घरवालों ने अजय की बारात निकाली।

गुजरात के साबरकांठा से 22 किलोमीटर दूर स्थित चंपलानार के रहने वाले अजय बरोट की 10 मई को अनोखी शादी हुई। यहां बरात से पहले गरबा आयोजित की गई जिसमें स्थानीय लोगों ने भाग लिया। इसके बाद शेरवानी पहनकर दूल्हा घोड़ी पर चढ़ा और बरात अजय के घर पहुंची। यहां आठ सौ लोगों ने इस शादी में शिरकत की। 

लर्निंग डिसअबिलिटी से पीड़ित अजय की इच्छा थी कि उसकी भी शादी चचेरे भाई की तरह धूमधाम से बरात निकालकर हो। जिसके लिए इसका आयोजन किया गया। शादी के सारे अनुष्ठान पारंपरिक गुजराती थे। बस कमी एक दुल्हन की थी। 

अजय के पिता विष्णु बरोट ने बताया, ”मेरे बेटे को लर्निंग डिसअबिलिटी है और उसने अपनी मां को भी बहुत पहले ही खो दिया था। वह दूसरों की शादी का बड़े शौक से आनंद लेता था और अपनी शादी के बारे में पूछता रहता था। लेकिन हम उसके इस सवाल का जवाब देने में सक्षम नहीं थे क्योंकि उसके मैच की दुल्हन का मिलना मुश्किल था। इसके बाद मैंने अपने परिवारवालों से बात कर उसकी शादी करने का फैसला किया। जिससे उसका सपना भी पूरा हो सके। आज मैं बहुत खुश हूं कि मैंने अपने बेटे के सपने को पूरा किया, बिना सोचे कि समाज क्या कहेगा।”

अजय के चाचा कमलेश के अनुसार, ‘फरवरी महीने में, मेरे बेटे की शादी हुई। अजय हमेशा चाहता था कि उसके लिए भी ऐसा आयोजन किया जाए। मेरे बेटे की शादी के बाद वह जिद करने लगा कि उसे भी शादी करनी है। अजय की जिद पर परिवारवालों ने फैसला लिया कि हम लोग उसकी वरघोड़ो (शादी की बारात) निकलवाएंगे। हमने शादी के निमंत्रण पत्र छपवाए थे, पुजारी बनकर सभी रस्में निभाईं और बारात और दावत का आयोजन किया। अजय पूरे दिन हंसता-मुस्कुराता रहा और बहुत खुश नजर आया।’ 

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