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तमिलनाडु में इस तारीख से बैन हो सकती है पेप्सी और कोक, व्यापारियों ने लिया फैसला

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हो सकता है कि तमिलनाडु के लोगों को 15 अगस्त से कोका कोला और पेप्सी नहीं मिलेगी। ऐसा इसलिए क्योंकि तमिलनाडु के व्यापारी संगठन के अधिकारी ने घोषणा की है कि 15 अगस्त से वो कोका कोला और पेप्सी नहीं बेचेंगे यानी वो राज्य में इन दोनों कंपनियों के प्रोडक्ट्स की बिक्री को बैन कर रहे हैं। हालांकि ये पहली बार नहीं है जब तमिलनाडु में ये दोनों कंपनियां बैन हो रही हों। इससे पहले मार्च 2017 में भी इस राज्य में इन्हें बैन किया गया था। 

इस संदर्भ में चेन्नई के बड़े एफएमसीजी रिटेल चेन के प्रबंधक ने कहा कि व्यापारियों द्वारा लगाया जा रहा बैन कितने दिनों तक जारी रहेगा, इस बात पर अभी कुछ नहीं कहा जाता है। 

2017 में इसलिए बैन हई थी ये कंपनियां

साल 2017 में तमिलनाडु वानीगर संगम और तमिलनाडु ट्रेडर्स फेडरेशन ने कहा था कि दोनों कंपनियां राज्य में मौजूद जल निकायों का दोहन कर रही हैं और सूखे के बावजूद इन दोनों कंपनियों ने इसको जारी रखा है। हालांकि छह से सात महीने बाद ही तमिलनाडु में फिर से पेप्सी और कोका कोला की बिक्री शुरू हो गई थी।

बता दें कि इन दोनों संगठनों से करीब 15 लाख व्यापारी जुड़े हुए हैं। यह 15 लाख व्यापारी प्रदेश में फैले छोटे-छोटे 6 हजार से अधिक संगठनों से जुड़े हैं। 

कंपनियों ने जताई थी कड़ी आपत्ति 

इंडियन ब्रीवरेज एसोसिएशन ने दोनों कंपनियों की तरफ से व्यापारी संगठनों द्वारा लिए गए इस फैसले पर कड़ी आपत्ति जताई गई थी। एसोसिएशन ने कहा कि बिक्री बैन करना या नहीं करने का फैसला केवल राज्य सरकार ले सकती है। इस फैसले से देश की छवि और इकनॉमी दोनों पर असर पड़ेगा। 
 

मद्रास हाई कोर्ट ने हटाई थी रोक

इन कंपनियों के थामिराबरानी नदी के पानी का मनमाने तरीके से दोहन करने के मामले की मद्रास हाई कोर्ट में अपील की गई थी जिसके बाद कंपनियों के लिए एक खुशखबरी आई थी। मद्रास हाई कोर्ट ने विदेशी ब्रांड कोक और पेप्सी प्लांट पर से थामिराबरानी नदी से पानी के इस्तेमाल पर लगी रोक को हटा दी थी। इससे दोनों कंपनियों को बड़ी राहत मिली थी। 
हो सकता है कि तमिलनाडु के लोगों को 15 अगस्त से कोका कोला और पेप्सी नहीं मिलेगी। ऐसा इसलिए क्योंकि तमिलनाडु के व्यापारी संगठन के अधिकारी ने घोषणा की है कि 15 अगस्त से वो कोका कोला और पेप्सी नहीं बेचेंगे यानी वो राज्य में इन दोनों कंपनियों के प्रोडक्ट्स की बिक्री को बैन कर रहे हैं। हालांकि ये पहली बार नहीं है जब तमिलनाडु में ये दोनों कंपनियां बैन हो रही हों। इससे पहले मार्च 2017 में भी इस राज्य में इन्हें बैन किया गया था। 

इस संदर्भ में चेन्नई के बड़े एफएमसीजी रिटेल चेन के प्रबंधक ने कहा कि व्यापारियों द्वारा लगाया जा रहा बैन कितने दिनों तक जारी रहेगा, इस बात पर अभी कुछ नहीं कहा जाता है। 

2017 में इसलिए बैन हई थी ये कंपनियां

साल 2017 में तमिलनाडु वानीगर संगम और तमिलनाडु ट्रेडर्स फेडरेशन ने कहा था कि दोनों कंपनियां राज्य में मौजूद जल निकायों का दोहन कर रही हैं और सूखे के बावजूद इन दोनों कंपनियों ने इसको जारी रखा है। हालांकि छह से सात महीने बाद ही तमिलनाडु में फिर से पेप्सी और कोका कोला की बिक्री शुरू हो गई थी।

बता दें कि इन दोनों संगठनों से करीब 15 लाख व्यापारी जुड़े हुए हैं। यह 15 लाख व्यापारी प्रदेश में फैले छोटे-छोटे 6 हजार से अधिक संगठनों से जुड़े हैं। 

कंपनियों ने जताई थी कड़ी आपत्ति 

इंडियन ब्रीवरेज एसोसिएशन ने दोनों कंपनियों की तरफ से व्यापारी संगठनों द्वारा लिए गए इस फैसले पर कड़ी आपत्ति जताई गई थी। एसोसिएशन ने कहा कि बिक्री बैन करना या नहीं करने का फैसला केवल राज्य सरकार ले सकती है। इस फैसले से देश की छवि और इकनॉमी दोनों पर असर पड़ेगा। 
 

मद्रास हाई कोर्ट ने हटाई थी रोक

इन कंपनियों के थामिराबरानी नदी के पानी का मनमाने तरीके से दोहन करने के मामले की मद्रास हाई कोर्ट में अपील की गई थी जिसके बाद कंपनियों के लिए एक खुशखबरी आई थी। मद्रास हाई कोर्ट ने विदेशी ब्रांड कोक और पेप्सी प्लांट पर से थामिराबरानी नदी से पानी के इस्तेमाल पर लगी रोक को हटा दी थी। इससे दोनों कंपनियों को बड़ी राहत मिली थी। 

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