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ईरान से युद्ध नहीं चाहते, उकसाया तो देंगे मुंहतोड़ जवाब: सऊदी अरब

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सांकेतिक तस्वीर
– फोटो : सोशल मीडिया

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सऊदी अरब के विदेश राज्यमंत्री अदेल अल-जुबेर ने चिर प्रतिद्वंद्वी ईरान के साथ तनाव बढ़ने के बीच कहा कि उनका देश युद्ध नहीं चाहता है, लेकिन अपनी रक्षा करेगा। जुबेर का यह बयान ऐसे वक्त आया है जब एक सप्ताह पहले संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के तट पर सऊदी अरब के तेल टैंकरों पर हवाई हमले किए गए थे। ईरान समर्थित यमन के विद्रोही गुट हूती ने ड्रोन हमले का दावा किया था।

जुबेर ने रविवार को पत्रकारों से कहा, ‘हम इलाके में शांति और स्थिरता चाहते हैं, लेकिन इसका यह मतलब नहीं कि ईरान हम पर हमला करेगा तो हम हाथ पर हाथ धरे बैठे रहेंगे। अब गेंद ईरान के पाले में है। अब ईरान ही तय करेगा कि वह क्या चाहता है। हम किसी भी तरह के युद्ध की आशंका से बचने के लिए हर संभव कोशिश करने को तैयार हैं, लेकिन अगर दूसरी तरफ से हमें युद्ध के लिए उकसाया जाएगा तो हम भी उसका मुंहतोड़ जवाब देने के लिए तैयार हैं।’ 

बताते चलें कि सऊदी अरब ने पाइपलाइन पर हमले के लिए सीधे तौर पर ईरान को जिम्मेदार ठहराया है। सऊदी के अधिकारियों ने बताया कि हमले की घटना की जांच चल रही है। हालांकि, ईरान ने इनमें से किसी भी हमले में अपना हाथ होने से इनकार किया है।

सऊदी के किंग ने बुलाई आपात बैठक

इस बीच, रविवार को सऊदी अरब के किंग सलमान ने खाड़ी और अरब देशों के नेताओं को न्योता भेजा है कि वो 30 मई को मक्का में एक आपातकालीन बैठक के लिए आएं ताकि इन हमलों के नतीजों पर चर्चा की जा सके। सऊदी के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने भी इस संबंध में अमरीकी विदेश मंत्री माइक पोम्पियो के साथ फोन पर बात की है। इस बात की जानकारी सऊदी के सूचना मंत्रालय ने रविवार को एक ट्वीट के जरिए दी। उधर, यूएई के विदेश मंत्रालय ने कहा कि अरब और खाड़ी देश में पैदा हुए ताजा हालात का सामना मिलकर करना होगा।

सऊदी अरब के विदेश राज्यमंत्री अदेल अल-जुबेर ने चिर प्रतिद्वंद्वी ईरान के साथ तनाव बढ़ने के बीच कहा कि उनका देश युद्ध नहीं चाहता है, लेकिन अपनी रक्षा करेगा। जुबेर का यह बयान ऐसे वक्त आया है जब एक सप्ताह पहले संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के तट पर सऊदी अरब के तेल टैंकरों पर हवाई हमले किए गए थे। ईरान समर्थित यमन के विद्रोही गुट हूती ने ड्रोन हमले का दावा किया था।

जुबेर ने रविवार को पत्रकारों से कहा, ‘हम इलाके में शांति और स्थिरता चाहते हैं, लेकिन इसका यह मतलब नहीं कि ईरान हम पर हमला करेगा तो हम हाथ पर हाथ धरे बैठे रहेंगे। अब गेंद ईरान के पाले में है। अब ईरान ही तय करेगा कि वह क्या चाहता है। हम किसी भी तरह के युद्ध की आशंका से बचने के लिए हर संभव कोशिश करने को तैयार हैं, लेकिन अगर दूसरी तरफ से हमें युद्ध के लिए उकसाया जाएगा तो हम भी उसका मुंहतोड़ जवाब देने के लिए तैयार हैं।’ 

बताते चलें कि सऊदी अरब ने पाइपलाइन पर हमले के लिए सीधे तौर पर ईरान को जिम्मेदार ठहराया है। सऊदी के अधिकारियों ने बताया कि हमले की घटना की जांच चल रही है। हालांकि, ईरान ने इनमें से किसी भी हमले में अपना हाथ होने से इनकार किया है।

सऊदी के किंग ने बुलाई आपात बैठक

इस बीच, रविवार को सऊदी अरब के किंग सलमान ने खाड़ी और अरब देशों के नेताओं को न्योता भेजा है कि वो 30 मई को मक्का में एक आपातकालीन बैठक के लिए आएं ताकि इन हमलों के नतीजों पर चर्चा की जा सके। सऊदी के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने भी इस संबंध में अमरीकी विदेश मंत्री माइक पोम्पियो के साथ फोन पर बात की है। इस बात की जानकारी सऊदी के सूचना मंत्रालय ने रविवार को एक ट्वीट के जरिए दी। उधर, यूएई के विदेश मंत्रालय ने कहा कि अरब और खाड़ी देश में पैदा हुए ताजा हालात का सामना मिलकर करना होगा।

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