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एयर स्ट्राइक के अगले दिन क्रैश हुए हेलीकॉप्टर मामले में एओसी का तबादला, कोर्ट ऑफ इनक्वायरी तेज

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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Tue, 21 May 2019 10:25 PM IST

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जम्मू-कश्मीर के बडगाम में 27 फरवरी को एमआई-17 हेलीकॉप्टर क्रैश होने के मामले की चल रही जांच के बीच वायुसेना ने श्रीनगर एयरबेस के एयर ऑफिसर कमांडिंग (एओसी) का तबादला कर दिया है। पाकिस्तान के बालाकोट में हुई एयर स्ट्राइक के अगले दिन 27 फरवरी को भारतीय वायुसेना की जमीन से हवा में मार करने वाली एक मिसाइल ने अपने ही हेलीकॉप्टर को दुश्मन का समझकर गिरा दिया था। इस हादसे में हेलीकॉप्टर पर सवार वायुसेना के सभी छह जवानों और एक नागरिक की मौत हो गई थी।

एमआई-17 हेलीकॉप्टर सुबह करीब 10 बजे क्रैश हुआ था, लगभग उसी वक्त भारत और पाकिस्तान के लड़ाकू विमान जम्मू-कश्मीर के नौशेरा के ऊपर उलझे हुए थे। हवा में इसी भिड़ंत के दौरान विंग कमांडर अभिनंदन का लड़ाकू विमान पाकिस्तानी क्षेत्र में गिर गया था। हेलीकॉप्टर हादसा किन गलतियों और चूक के कारण हुआ, इसकी जांच चल रही है। पाकिस्तान और भारत के लड़ाकू विमानों के बीच हवाई भिड़ंत के दौरान एयर ट्रैफिक कंट्रोल ने हेलीकॉप्टर को वापस आने का निर्देश दिया था। 

इसे एक चूक माना जा रहा है, क्योंकि हेलीकॉप्टर को वापस श्रीनगर बुलाने के बजाय, उसे किसी सुरक्षित स्थान की तरफ भेजा जाना चाहिए था। शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि एमआई-17 हेलीकॉप्टर का बेहद अहम ‘क्रूशियल आइडेंटिफिकेशन सिस्टम’ बंद था। यह सिस्टम ऑन होने पर हेलीकॉप्टर और विमान अपनी पहचान का सिग्नल भेजता है। 

वायुसेना का निर्देश था कि आइडेंटिफिकेशन ऑफ फ्रेंड ऑर फो (आईएफएफ) सिस्टम ऑन रहना चाहिए, जबकि श्रीनगर एयरबेस ने इसके विपरीत आदेश दिए थे। बता दें कि आईएफएफ वायुसेना के रडारों को इस बात की पहचान करने में मदद करता है कि कोई विमान या हेलीकॉप्टर मित्रवत है या दुश्मन। 

जम्मू-कश्मीर के बडगाम में 27 फरवरी को एमआई-17 हेलीकॉप्टर क्रैश होने के मामले की चल रही जांच के बीच वायुसेना ने श्रीनगर एयरबेस के एयर ऑफिसर कमांडिंग (एओसी) का तबादला कर दिया है। पाकिस्तान के बालाकोट में हुई एयर स्ट्राइक के अगले दिन 27 फरवरी को भारतीय वायुसेना की जमीन से हवा में मार करने वाली एक मिसाइल ने अपने ही हेलीकॉप्टर को दुश्मन का समझकर गिरा दिया था। इस हादसे में हेलीकॉप्टर पर सवार वायुसेना के सभी छह जवानों और एक नागरिक की मौत हो गई थी।

एमआई-17 हेलीकॉप्टर सुबह करीब 10 बजे क्रैश हुआ था, लगभग उसी वक्त भारत और पाकिस्तान के लड़ाकू विमान जम्मू-कश्मीर के नौशेरा के ऊपर उलझे हुए थे। हवा में इसी भिड़ंत के दौरान विंग कमांडर अभिनंदन का लड़ाकू विमान पाकिस्तानी क्षेत्र में गिर गया था। हेलीकॉप्टर हादसा किन गलतियों और चूक के कारण हुआ, इसकी जांच चल रही है। पाकिस्तान और भारत के लड़ाकू विमानों के बीच हवाई भिड़ंत के दौरान एयर ट्रैफिक कंट्रोल ने हेलीकॉप्टर को वापस आने का निर्देश दिया था। 

इसे एक चूक माना जा रहा है, क्योंकि हेलीकॉप्टर को वापस श्रीनगर बुलाने के बजाय, उसे किसी सुरक्षित स्थान की तरफ भेजा जाना चाहिए था। शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि एमआई-17 हेलीकॉप्टर का बेहद अहम ‘क्रूशियल आइडेंटिफिकेशन सिस्टम’ बंद था। यह सिस्टम ऑन होने पर हेलीकॉप्टर और विमान अपनी पहचान का सिग्नल भेजता है। 

वायुसेना का निर्देश था कि आइडेंटिफिकेशन ऑफ फ्रेंड ऑर फो (आईएफएफ) सिस्टम ऑन रहना चाहिए, जबकि श्रीनगर एयरबेस ने इसके विपरीत आदेश दिए थे। बता दें कि आईएफएफ वायुसेना के रडारों को इस बात की पहचान करने में मदद करता है कि कोई विमान या हेलीकॉप्टर मित्रवत है या दुश्मन। 

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