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सुप्रीम कोर्ट में चार जजों की नियुक्ति को मंजूरी, कोटा होगा पूरा

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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Thu, 23 May 2019 04:42 AM IST

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सुप्रीम कोर्ट को जल्द चार और जज मिल जाएंगे। केंद्र सरकार ने कॉलेजियम द्वारा सुप्रीम कोर्ट में जिन चार जजों की नियुक्ति को मंजूरी दी है उनके नाम हैं, जस्टिस अनिरुद्ध बोस, जस्टिस एएस बोपन्ना , जस्टिस बीआर गवई और जस्टिस सूर्यकांत। इन जजों की नियुक्ति के बाद सुप्रीम कोर्ट में जजों की संख्या बढ़कर 31 हो जाएगी, शीर्ष अदालत में जजों की ऊपरी सीमा है। अभी सुप्रीम कोर्ट में 27 जज हैं।

जानकारी के मुताबिक, सरकार ने इन नामों को हरी झंडी दे दी है और अब राष्ट्रपति से इसे हरी झंडी मिलना बाकी है। मालूम हो कि सरकार ने वरिष्ठता और क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व का हवाला देते हुए जस्टिस बोस और जस्टिस बोपन्ना का नाम कॉलेजियम को वापस भेजते हुए इन पर पुनर्विचार करने के लिए कहा था। जिसके बाद चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली कॉलेजियम ने इन दोनों नामों पर पुनर्विचार किया और फिर से दोनों नामों को सरकार के पास भेजा था। 

बताया जा रहा है कि इन चारों जजों की नियुक्ति संबंधी अधिसूचना बृहस्पतिवार को जारी कर दी जाएगी। जस्टिस गवई अगर 2025 में सीजेआई बनते हैं तो वह सुप्रीम कोर्ट के दूसरे दलित चीफ जस्टिस होंगे। 

जस्टिस बोस अभी झारखंड हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस हैं, वहीं जस्टिस बोपन्ना गुवाहाटी हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस हैं। वहीं जस्टिस गवई बॉम्बे हाईकोर्ट में जज और जस्टिस सूर्यकांत हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस हैं।

सुप्रीम कोर्ट को जल्द चार और जज मिल जाएंगे। केंद्र सरकार ने कॉलेजियम द्वारा सुप्रीम कोर्ट में जिन चार जजों की नियुक्ति को मंजूरी दी है उनके नाम हैं, जस्टिस अनिरुद्ध बोस, जस्टिस एएस बोपन्ना , जस्टिस बीआर गवई और जस्टिस सूर्यकांत। इन जजों की नियुक्ति के बाद सुप्रीम कोर्ट में जजों की संख्या बढ़कर 31 हो जाएगी, शीर्ष अदालत में जजों की ऊपरी सीमा है। अभी सुप्रीम कोर्ट में 27 जज हैं।

जानकारी के मुताबिक, सरकार ने इन नामों को हरी झंडी दे दी है और अब राष्ट्रपति से इसे हरी झंडी मिलना बाकी है। मालूम हो कि सरकार ने वरिष्ठता और क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व का हवाला देते हुए जस्टिस बोस और जस्टिस बोपन्ना का नाम कॉलेजियम को वापस भेजते हुए इन पर पुनर्विचार करने के लिए कहा था। जिसके बाद चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली कॉलेजियम ने इन दोनों नामों पर पुनर्विचार किया और फिर से दोनों नामों को सरकार के पास भेजा था। 

बताया जा रहा है कि इन चारों जजों की नियुक्ति संबंधी अधिसूचना बृहस्पतिवार को जारी कर दी जाएगी। जस्टिस गवई अगर 2025 में सीजेआई बनते हैं तो वह सुप्रीम कोर्ट के दूसरे दलित चीफ जस्टिस होंगे। 

जस्टिस बोस अभी झारखंड हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस हैं, वहीं जस्टिस बोपन्ना गुवाहाटी हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस हैं। वहीं जस्टिस गवई बॉम्बे हाईकोर्ट में जज और जस्टिस सूर्यकांत हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस हैं।

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