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जेटली की जगह अमित शाह को मिल सकती है वित्त मंत्रालय की कमान, यह है कारण

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नरेंद्र मोदी द्वारा दोबारा सत्ता संभालने के बाद अब कई महत्वपूर्ण मंत्रालयों में नए चेहरे देखने को मिलेंगे। अगर बात करें केवल वित्त मंत्रालय की तो यहां पर भी सबसे बड़ा फेरबदल हो सकता है। अभी तक वित्त मंत्री का पदभार संभाले अरुण जेटली को कैबिनेट से हटाकर संगठन में जिम्मेदारी दी जा सकती है। ऐसा इसलिए क्योंकि उनका स्वास्थ्य लंबे समय से सही नहीं है।  

इकोनॉमिक टाइम्स और रॉयटर्स की दो अलग-अलग रिपोर्ट के अनुसार भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह को वित्त मंत्रालय का प्रभार मिल सकता है। शाह के अलावा इस रेस में पीयूष गोयल भी हैं। इस हफ्ते के अंत तक पता चल जाएगा कि देश का अगला वित्त मंत्री कौन होगा।  

जेटली का स्वास्थ्य कुछ महीने से खराब

ईटी की रिपोर्ट के मुताबिक 66 साल के जेटली का स्वास्थ्य पिछले कुछ महीनों से खराब चल रहा है। इसलिए वो अब कैबिनेट में शामिल नहीं होंगे। पिछले पांच साल में जेटली तीन मंत्रालयों का कार्यभार संभाल चुके हैं। इनमें रक्षा, सूचना प्रसारण और वित्त मंत्रालय शामिल हैं। 

तीसरे नंबर पर जेटली

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के बाद जेटली पार्टी में तीसरे नंबर पर माने जाते हैं। लोकसभा चुनाव में पार्टी की जीत के बाद भाजपा कार्यालय में गुरुवार को हुए कार्यक्रम में वो नजर नहीं आए। जेटली दो हफ्ते से सार्वजनिक तौर पर नहीं देखे गए हैं। हालांकि, सोशल मीडिया पर वो सक्रिय हैं। उन्होंने मोदी और पार्टी कार्यकर्ताओं को जीत की बधाई का मैसेज सोशल मीडिया पर पोस्ट किया था।

जेटली की जगह शाह

अमित शाह का पार्टी अध्यक्ष के तौर पर दो साल का कार्यकाल जल्द पूर्ण हो रहा है। पार्टी के संविधान के मुताबिक कोई भी व्यक्ति एक पद पर दो साल से अधिक नहीं रह सकता है। ऐसे में अब अमित शाह को केंद्रीय कैबिनेट में लाया जाएगा। जेटली को भाजपा में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिल सकती है। पार्टी के नियमनुसार कोई भी व्यक्ति एक साथ दो पदों पर नहीं रह सकता है। शाह अगर अध्यक्ष पद छोड़ते हैं, तभी उनको सरकार में मंत्री पद दिया जाएगा। 

गुजरात में रह चुके हैं गृह मंत्री

नरेंद्र मोदी जब गुजरात के मुख्यमंत्री थे, तब शाह प्रदेश के गृह मंत्री थे। इसलिए उनके पास सरकार में रहकर काम करने का अनुभव भी है। मोदी जब प्रधानमंत्री बन गए तब वो शाह को भी अपने साथ ले आए और उन्हें अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी सौंप दी। कई राज्यों में भाजपा की सरकार बनवाने में उनका श्रेय है। हरियाणा, गोवा, यूपी, असम सहित उत्तर-पूर्व के राज्यों और गुजरात में शाह के कार्यकाल में ही भाजपा सरकार बनी थी। ऐसा इसलिए क्योंकि शाह की बूथ स्तर तक अच्छी पकड़ है।  

पीयूष गोयल भी रेस में

मोदी सरकार के पिछले कार्यकाल में गोयल को दो बार इसकी जिम्मेदारी दी गई थी। फरवरी में अंतरिम बजट भी गोयल ने पेश किया था। फिलहाल पीयूष गोयल कोयला और रेल मंत्रालय की जिम्मेदारी संभाले हुए हैं। 

नरेंद्र मोदी द्वारा दोबारा सत्ता संभालने के बाद अब कई महत्वपूर्ण मंत्रालयों में नए चेहरे देखने को मिलेंगे। अगर बात करें केवल वित्त मंत्रालय की तो यहां पर भी सबसे बड़ा फेरबदल हो सकता है। अभी तक वित्त मंत्री का पदभार संभाले अरुण जेटली को कैबिनेट से हटाकर संगठन में जिम्मेदारी दी जा सकती है। ऐसा इसलिए क्योंकि उनका स्वास्थ्य लंबे समय से सही नहीं है।  

इकोनॉमिक टाइम्स और रॉयटर्स की दो अलग-अलग रिपोर्ट के अनुसार भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह को वित्त मंत्रालय का प्रभार मिल सकता है। शाह के अलावा इस रेस में पीयूष गोयल भी हैं। इस हफ्ते के अंत तक पता चल जाएगा कि देश का अगला वित्त मंत्री कौन होगा।  

जेटली का स्वास्थ्य कुछ महीने से खराब

ईटी की रिपोर्ट के मुताबिक 66 साल के जेटली का स्वास्थ्य पिछले कुछ महीनों से खराब चल रहा है। इसलिए वो अब कैबिनेट में शामिल नहीं होंगे। पिछले पांच साल में जेटली तीन मंत्रालयों का कार्यभार संभाल चुके हैं। इनमें रक्षा, सूचना प्रसारण और वित्त मंत्रालय शामिल हैं। 

तीसरे नंबर पर जेटली

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के बाद जेटली पार्टी में तीसरे नंबर पर माने जाते हैं। लोकसभा चुनाव में पार्टी की जीत के बाद भाजपा कार्यालय में गुरुवार को हुए कार्यक्रम में वो नजर नहीं आए। जेटली दो हफ्ते से सार्वजनिक तौर पर नहीं देखे गए हैं। हालांकि, सोशल मीडिया पर वो सक्रिय हैं। उन्होंने मोदी और पार्टी कार्यकर्ताओं को जीत की बधाई का मैसेज सोशल मीडिया पर पोस्ट किया था।

जेटली की जगह शाह

अमित शाह का पार्टी अध्यक्ष के तौर पर दो साल का कार्यकाल जल्द पूर्ण हो रहा है। पार्टी के संविधान के मुताबिक कोई भी व्यक्ति एक पद पर दो साल से अधिक नहीं रह सकता है। ऐसे में अब अमित शाह को केंद्रीय कैबिनेट में लाया जाएगा। जेटली को भाजपा में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिल सकती है। पार्टी के नियमनुसार कोई भी व्यक्ति एक साथ दो पदों पर नहीं रह सकता है। शाह अगर अध्यक्ष पद छोड़ते हैं, तभी उनको सरकार में मंत्री पद दिया जाएगा। 

गुजरात में रह चुके हैं गृह मंत्री

नरेंद्र मोदी जब गुजरात के मुख्यमंत्री थे, तब शाह प्रदेश के गृह मंत्री थे। इसलिए उनके पास सरकार में रहकर काम करने का अनुभव भी है। मोदी जब प्रधानमंत्री बन गए तब वो शाह को भी अपने साथ ले आए और उन्हें अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी सौंप दी। कई राज्यों में भाजपा की सरकार बनवाने में उनका श्रेय है। हरियाणा, गोवा, यूपी, असम सहित उत्तर-पूर्व के राज्यों और गुजरात में शाह के कार्यकाल में ही भाजपा सरकार बनी थी। ऐसा इसलिए क्योंकि शाह की बूथ स्तर तक अच्छी पकड़ है।  

पीयूष गोयल भी रेस में

मोदी सरकार के पिछले कार्यकाल में गोयल को दो बार इसकी जिम्मेदारी दी गई थी। फरवरी में अंतरिम बजट भी गोयल ने पेश किया था। फिलहाल पीयूष गोयल कोयला और रेल मंत्रालय की जिम्मेदारी संभाले हुए हैं। 

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