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मार्क जुकरबर्ग को फेसबुक के चेयरमैन पद से हटाने की मुहिम ने पकड़ा जोर

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फेसबुक के संस्थापक चेयरमैन मार्क जुकरबर्ग को उनके पद से हटाने की मुहिम ने जोर पकड़ लिया है। कंपनी में निवेश करने वाली कई अहम पब्लिक फंड कंपनियों ने बुधवार को उस प्रस्ताव का समर्थन किया, जिसमें फेसबुक के सीईओ जुकरबर्ग को चेयरमैन पद से हटाने की बात कही गई है।

हालांकि जुकरबर्ग को हटाने का फैसला अगले साल मई में होगा, जब उसके शेयरधारकों की वार्षिक बैठक में इस प्रस्ताव पर मतदान किया जाएगा। फेसबुक की तरफ से इस मुद्दे पर फिलहाल कोई प्रतिक्रिया नहीं दी गई है।

इलिनॉयस, रोड आइसलैंड और पेनिसिल्वेनिया के राज्य कोषागारों के अलावा न्यूयॉर्क सिटी पेंशन फंड ने संयुक्त रूप से यह प्रस्ताव दिया है। इन सभी ने अपने प्रस्ताव के जरिए जून में जुकरबर्ग को हटाने का प्रस्ताव लाने वाली हेज फंड ट्रिलियम एसेट मैनेजमेंट का समर्थन करने की घोषणा की है।

इस प्रस्ताव पर कंपनी की फेसबुक के शेयरों में अहम हिस्सेदारी रखने वाली इन कंपनियों का कहना है कि सोशल मीडिया की बादशाहत रखने वाली कंपनी के मुखिया के तौर पर जुकरबर्ग हालिया महीनों में कई हाई प्रोफाइल स्कैंडलों से निपटने में नाकाम रहे हैं।

इन सभी का कहना है कि फेसबुक के निदेशक मंडल के चेयरमैन पद को स्वतंत्र हैसियत वाला बनाया जाना चाहिए। प्रस्ताव में अमेरिकी चुनावों में रूसी हस्तक्षेप, कैंब्रिज एनालिटिका डाटा लीक जैसे मामलों का जिक्र किया गया है और कहा गया है कि स्वतंत्र हैसियत वाले बोर्ड चेयरमैन की अनुपस्थिति के कारण निरीक्षण की कमी से फेसबुक कई बड़े विवादित मामलों से सही तरीके से निपटने में असफल रहा है।

जुकरबर्ग का पलड़ा फिर भी भारी

अपने खिलाफ अभियान के बावजूद फेसबुक के चेयरमैन मार्क जुकरबर्ग का पलड़ा भारी नजर आ रहा है। अप्रैल में कंपनी की तरफ से जारी एक रिपोर्ट के अनुसार, जुकरबर्ग के पास करीब 60 फीसदी वोटिंग अधिकार हैं।

उन्हें हटाने का प्रस्ताव देने वाली कंपनियों में न्यूयॉर्क सिटी पेंशन फंड के पास 31 जुलाई तक 45 लाख शेयर, जबकि पेनिसिल्वेनिया कोषागार के पास 38737 शेयर मौजूद थे। एक महिला प्रवक्ता के अनुसार, ट्रिलियम एसेट मैनेजमेंट के पास फेसबुक के 53000 शेयर हैं। हालांकि इलिनॉयस और रोड आइसलैंड के पास मौजूद शेयरों की जानकारी नहीं मिल सकी है।

फेसबुक के संस्थापक चेयरमैन मार्क जुकरबर्ग को उनके पद से हटाने की मुहिम ने जोर पकड़ लिया है। कंपनी में निवेश करने वाली कई अहम पब्लिक फंड कंपनियों ने बुधवार को उस प्रस्ताव का समर्थन किया, जिसमें फेसबुक के सीईओ जुकरबर्ग को चेयरमैन पद से हटाने की बात कही गई है।

हालांकि जुकरबर्ग को हटाने का फैसला अगले साल मई में होगा, जब उसके शेयरधारकों की वार्षिक बैठक में इस प्रस्ताव पर मतदान किया जाएगा। फेसबुक की तरफ से इस मुद्दे पर फिलहाल कोई प्रतिक्रिया नहीं दी गई है।

इलिनॉयस, रोड आइसलैंड और पेनिसिल्वेनिया के राज्य कोषागारों के अलावा न्यूयॉर्क सिटी पेंशन फंड ने संयुक्त रूप से यह प्रस्ताव दिया है। इन सभी ने अपने प्रस्ताव के जरिए जून में जुकरबर्ग को हटाने का प्रस्ताव लाने वाली हेज फंड ट्रिलियम एसेट मैनेजमेंट का समर्थन करने की घोषणा की है।

इस प्रस्ताव पर कंपनी की फेसबुक के शेयरों में अहम हिस्सेदारी रखने वाली इन कंपनियों का कहना है कि सोशल मीडिया की बादशाहत रखने वाली कंपनी के मुखिया के तौर पर जुकरबर्ग हालिया महीनों में कई हाई प्रोफाइल स्कैंडलों से निपटने में नाकाम रहे हैं।

इन सभी का कहना है कि फेसबुक के निदेशक मंडल के चेयरमैन पद को स्वतंत्र हैसियत वाला बनाया जाना चाहिए। प्रस्ताव में अमेरिकी चुनावों में रूसी हस्तक्षेप, कैंब्रिज एनालिटिका डाटा लीक जैसे मामलों का जिक्र किया गया है और कहा गया है कि स्वतंत्र हैसियत वाले बोर्ड चेयरमैन की अनुपस्थिति के कारण निरीक्षण की कमी से फेसबुक कई बड़े विवादित मामलों से सही तरीके से निपटने में असफल रहा है।

जुकरबर्ग का पलड़ा फिर भी भारी

अपने खिलाफ अभियान के बावजूद फेसबुक के चेयरमैन मार्क जुकरबर्ग का पलड़ा भारी नजर आ रहा है। अप्रैल में कंपनी की तरफ से जारी एक रिपोर्ट के अनुसार, जुकरबर्ग के पास करीब 60 फीसदी वोटिंग अधिकार हैं।

उन्हें हटाने का प्रस्ताव देने वाली कंपनियों में न्यूयॉर्क सिटी पेंशन फंड के पास 31 जुलाई तक 45 लाख शेयर, जबकि पेनिसिल्वेनिया कोषागार के पास 38737 शेयर मौजूद थे। एक महिला प्रवक्ता के अनुसार, ट्रिलियम एसेट मैनेजमेंट के पास फेसबुक के 53000 शेयर हैं। हालांकि इलिनॉयस और रोड आइसलैंड के पास मौजूद शेयरों की जानकारी नहीं मिल सकी है।

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