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आठ शहरों में किराए पर ऑफिस लेने की रफ्तार बढ़ी, दिल्ली-एनसीआर सबसे आगे

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चालू वर्ष की जनवरी-सितंबर अवधि में देश के प्रमुख आठ शहरों में किराए पर ऑफिस लेने में 15 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। कॉरपोरेट व कोवर्किंग ऑपरेटरों की ओर से भारी मांग से इस अवधि में किराए पर ऑफिस लेने का क्षेत्र बढ़कर 3.33 करोड़ वर्ग फुट का हो गया। यह बात संपत्ति सलाहकार कंपनी कुशमैन एंड वेकफील्ड (सीएंडब्ल्यू) ने बृहस्पतिवार को कही। 

दिल्ली-एनसीआर, मुंबई, चेन्नई, बंगलूरू, हैदराबाद, पुणे और अहमदाबाद जैसे देश के प्रमुख आठ शहरों में पिछले वर्ष की समान अवधि में यह आंकड़ा 2.9 करोड़ वर्ग फुट रहा था। संपत्ति सलाहकार कंपनी ने कहा कि मौजूदा वर्ष में किराए पर संपत्ति लेने का आंकड़ा 5 करोड़ वर्ग फुट के रिकार्ड स्तर को छू सकता है। 

सीएंडडब्ल्यू का अनुमान है कि जुलाई-सितंबर अवधि की तरह मौजूदा तिमाही में भी यह क्षेत्र अपनी रफ्तार जारी रखते हुए 1.85 करोड़ वर्ग फुट के स्तर को पा लेगा। सीएंडडब्ल्यू इंडिया के कंट्री हेड व एमडी अंशुल जैन ने कहा कि किराए पर ऑफिस लेने के क्षेत्र के लिए साल 2018 अच्छे विकास के साथ बढ़ रहा है।

उत्तरीय क्षेत्र के शहरों में इस क्षेत्र का रुझान अधिक दिख रहा है, साथ ही आगामी कुछ महीनों में यह क्षेत्र सारे रिकॉर्ड को पार कर 5 करोड़ वर्ग फुट के स्तर पर पहुंच जाएगा। उन्होंने आगे कहा कि भारी मांग व प्रवेश बाधाओं में कमी से सहकारी कंपनियों द्वारा ऑफिस के लिए संपत्ति किराए पर लिए जाने के आंकड़े पिछले वर्ष के मुकाबले इस वर्ष दो गुना हो गए हैं। 

कोवर्किंग व बिजनेस सेंटर की भागीदारी बढ़ी

कोवर्किंग व बिजनेस सेंटर जैसे लचीले कार्यस्थल संचालक ई-कॉमर्स, परामर्श व बीएफएसआई क्षेत्र को पीछे छोड़ते हुए इस वर्ष में अभी तक किराये पर संपत्ति लेने की गतिविधियों में तीसरे सबसे बडे़ भागीदार साबित हुए हैं। जैन ने कहा कि मजबूत कारोबार वातावरण से देश के प्रमुख बाजारों में मजबूत प्रतिबद्धताओं का माहौल तैयार कर रहा है। आंकड़ों के अनुसार दिल्ली-एनसीआर, बंगलूरू, मुंबई व हैदराबाद में किराए पर ऑफिस लेने की गतिविधियों में तेजी आई है, जबकि अन्य चार शहरों में इसमें गिरावट देखी गई है। 

हैदराबाद बढ़ा, कोलकाता गिरा 

चालू वर्ष 2018 की जनवरी-सितंबर तिमाही में हैदराबाद के यह आंकड़े 53 फीसदी की बढ़त के साथ सर्वाधिक  74 लाख वर्ग फुट पहुंचा, जो कि पिछले वर्ष की समान अवधि में 48 लाख वर्ग फुट था। वहीं मुंबई के लिए ऑफिस किराए पर लेने के आंकड़े 44 फीसदी की बढ़त के साथ 37 लाख वर्ग फुट रहा, जबकि आलोच्य अवधि में दिल्ली के आंकड़े 10 फीसदी की वृद्धि के साथ 63 लाख वर्ग फुट रहा। इन आंकड़ों में गिरावट देखने वाले शहरों में कोलकाता 52 फीसदी की गिरावट के साथ 40 लाख वर्ग फुट रहा है।

चालू वर्ष की जनवरी-सितंबर अवधि में देश के प्रमुख आठ शहरों में किराए पर ऑफिस लेने में 15 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। कॉरपोरेट व कोवर्किंग ऑपरेटरों की ओर से भारी मांग से इस अवधि में किराए पर ऑफिस लेने का क्षेत्र बढ़कर 3.33 करोड़ वर्ग फुट का हो गया। यह बात संपत्ति सलाहकार कंपनी कुशमैन एंड वेकफील्ड (सीएंडब्ल्यू) ने बृहस्पतिवार को कही। 

दिल्ली-एनसीआर, मुंबई, चेन्नई, बंगलूरू, हैदराबाद, पुणे और अहमदाबाद जैसे देश के प्रमुख आठ शहरों में पिछले वर्ष की समान अवधि में यह आंकड़ा 2.9 करोड़ वर्ग फुट रहा था। संपत्ति सलाहकार कंपनी ने कहा कि मौजूदा वर्ष में किराए पर संपत्ति लेने का आंकड़ा 5 करोड़ वर्ग फुट के रिकार्ड स्तर को छू सकता है। 

सीएंडडब्ल्यू का अनुमान है कि जुलाई-सितंबर अवधि की तरह मौजूदा तिमाही में भी यह क्षेत्र अपनी रफ्तार जारी रखते हुए 1.85 करोड़ वर्ग फुट के स्तर को पा लेगा। सीएंडडब्ल्यू इंडिया के कंट्री हेड व एमडी अंशुल जैन ने कहा कि किराए पर ऑफिस लेने के क्षेत्र के लिए साल 2018 अच्छे विकास के साथ बढ़ रहा है।

उत्तरीय क्षेत्र के शहरों में इस क्षेत्र का रुझान अधिक दिख रहा है, साथ ही आगामी कुछ महीनों में यह क्षेत्र सारे रिकॉर्ड को पार कर 5 करोड़ वर्ग फुट के स्तर पर पहुंच जाएगा। उन्होंने आगे कहा कि भारी मांग व प्रवेश बाधाओं में कमी से सहकारी कंपनियों द्वारा ऑफिस के लिए संपत्ति किराए पर लिए जाने के आंकड़े पिछले वर्ष के मुकाबले इस वर्ष दो गुना हो गए हैं। 

कोवर्किंग व बिजनेस सेंटर की भागीदारी बढ़ी

कोवर्किंग व बिजनेस सेंटर जैसे लचीले कार्यस्थल संचालक ई-कॉमर्स, परामर्श व बीएफएसआई क्षेत्र को पीछे छोड़ते हुए इस वर्ष में अभी तक किराये पर संपत्ति लेने की गतिविधियों में तीसरे सबसे बडे़ भागीदार साबित हुए हैं। जैन ने कहा कि मजबूत कारोबार वातावरण से देश के प्रमुख बाजारों में मजबूत प्रतिबद्धताओं का माहौल तैयार कर रहा है। आंकड़ों के अनुसार दिल्ली-एनसीआर, बंगलूरू, मुंबई व हैदराबाद में किराए पर ऑफिस लेने की गतिविधियों में तेजी आई है, जबकि अन्य चार शहरों में इसमें गिरावट देखी गई है। 

हैदराबाद बढ़ा, कोलकाता गिरा 

चालू वर्ष 2018 की जनवरी-सितंबर तिमाही में हैदराबाद के यह आंकड़े 53 फीसदी की बढ़त के साथ सर्वाधिक  74 लाख वर्ग फुट पहुंचा, जो कि पिछले वर्ष की समान अवधि में 48 लाख वर्ग फुट था। वहीं मुंबई के लिए ऑफिस किराए पर लेने के आंकड़े 44 फीसदी की बढ़त के साथ 37 लाख वर्ग फुट रहा, जबकि आलोच्य अवधि में दिल्ली के आंकड़े 10 फीसदी की वृद्धि के साथ 63 लाख वर्ग फुट रहा। इन आंकड़ों में गिरावट देखने वाले शहरों में कोलकाता 52 फीसदी की गिरावट के साथ 40 लाख वर्ग फुट रहा है।

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