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बेवजह तनाव लेने की आदत डाल सकती है आपको खतरे में, जानिए उपाय

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जो अच्छा लगता है, वह करें। खुलकर हंसे, बेझिझक अपनी बात रखें। बेवजह तनाव लेने से कई बार हम ऐसे मुकाम पर पहुंच जाते हैं, जो जिंदगी के लिए खतरनाक होता है। नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) के डेटा के मुताबिक, पिछले 10 वर्षों में देशभर में आत्महत्या के मामले 17.3 प्रतिशत तक बढ़े हैं, जो बेहद खतरनाक है। मनोचिकत्सकों ने अनुसार, आपको जो अच्छा लगता है, वह करें। खुलकर हंसे, खुलकर अपनी बात रखें।

 बेवजह तनाव लेने और उसे किसी से साझा नहीं करने पर हम कई बार ऐसे मुकाम पर पहुंच जाते हैं, जो जिंदगी के लिए खतरनाक होता है। मनोचिकत्सक डॉ. अजय निहलानी ने बताया कि कुछ लोग क्षणिक और कुछ लोग मानसिक तनाव की वजह से आत्महत्या करते हैं। जो लोग मानसिक तनाव से ग्रस्त हैं, उनको चिकित्सीय सलाह लेनी चाहिए।

जो लोग तुरंत गुस्से में आकर आत्महत्या जैसे कदम उठाते हैं, उनको लोगों से मिलकर अपना सुख-दुख बांटना चाहिए। अपनी समस्याओं को सोचने के बजाए, उन्हें लिखने की कोशिश करें। आभासी दोस्तों की बजाय असल दोस्त बनाएं। अपने लक्ष्य बनाते वक्त अपनी क्षमताओं को आंकें। परिवार को बराबर अहमियत दें। छोटी से छोटी बात भी उनसे छिपाने की कोशिश न करें। परेशानियां क्षणिक होती हैं, उन्हें चुनौती की तरह लें।

ऐसे रहें तनावमुक्त

-सही जीवनशैली का चुनाव करें। 
-हेल्दी खानपान, शारीरिक व्यायाम को रोजमर्रा का हिस्सा बनाएं। 
– जिंदगी के प्रति संतुलित नजरिया रखें। अच्छा और बुरा दोनों ही जिंदगी के पहलू हैं। 
– गलतियों से सीखें। नकारात्मक सोच का जरिया न बनाएं। 
-अपने भीतर के बच्चे को हमेशा जिंदा रखें। 
-खुलकर हंसे, खुलकर मुस्कुराएं और अपनी बातों को शेयर करें। 
– क्षमता के हिसाब से करियर और रिश्तों का चुनाव करें। 
-समस्याओं को सोचने के बजाए, उन्हें दूर करने की कोशिश करें। 

जो अच्छा लगता है, वह करें। खुलकर हंसे, बेझिझक अपनी बात रखें। बेवजह तनाव लेने से कई बार हम ऐसे मुकाम पर पहुंच जाते हैं, जो जिंदगी के लिए खतरनाक होता है। नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) के डेटा के मुताबिक, पिछले 10 वर्षों में देशभर में आत्महत्या के मामले 17.3 प्रतिशत तक बढ़े हैं, जो बेहद खतरनाक है। मनोचिकत्सकों ने अनुसार, आपको जो अच्छा लगता है, वह करें। खुलकर हंसे, खुलकर अपनी बात रखें।

 बेवजह तनाव लेने और उसे किसी से साझा नहीं करने पर हम कई बार ऐसे मुकाम पर पहुंच जाते हैं, जो जिंदगी के लिए खतरनाक होता है। मनोचिकत्सक डॉ. अजय निहलानी ने बताया कि कुछ लोग क्षणिक और कुछ लोग मानसिक तनाव की वजह से आत्महत्या करते हैं। जो लोग मानसिक तनाव से ग्रस्त हैं, उनको चिकित्सीय सलाह लेनी चाहिए।

जो लोग तुरंत गुस्से में आकर आत्महत्या जैसे कदम उठाते हैं, उनको लोगों से मिलकर अपना सुख-दुख बांटना चाहिए। अपनी समस्याओं को सोचने के बजाए, उन्हें लिखने की कोशिश करें। आभासी दोस्तों की बजाय असल दोस्त बनाएं। अपने लक्ष्य बनाते वक्त अपनी क्षमताओं को आंकें। परिवार को बराबर अहमियत दें। छोटी से छोटी बात भी उनसे छिपाने की कोशिश न करें। परेशानियां क्षणिक होती हैं, उन्हें चुनौती की तरह लें।

ऐसे रहें तनावमुक्त

-सही जीवनशैली का चुनाव करें। 
-हेल्दी खानपान, शारीरिक व्यायाम को रोजमर्रा का हिस्सा बनाएं। 
– जिंदगी के प्रति संतुलित नजरिया रखें। अच्छा और बुरा दोनों ही जिंदगी के पहलू हैं। 
– गलतियों से सीखें। नकारात्मक सोच का जरिया न बनाएं। 
-अपने भीतर के बच्चे को हमेशा जिंदा रखें। 
-खुलकर हंसे, खुलकर मुस्कुराएं और अपनी बातों को शेयर करें। 
– क्षमता के हिसाब से करियर और रिश्तों का चुनाव करें। 
-समस्याओं को सोचने के बजाए, उन्हें दूर करने की कोशिश करें। 

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